चंडीगढ़, 25 जनवरी- यमुनानगर बिजली संयंत्र की 300 मेगावॉट क्षमता की दूसरी इकाई फरवरी के अंत तक उत्पादन शुरू कर देगी,जिससे आगामी गर्मियों के दौरान राज्य में बिजली की जरूरत को पूरा करने में मदद मिलेगी।
यह जानकारी बिजली मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने आज गुड़गांव में एमजी रोड़ पर पुनर्निर्मित अधिकारियों के विश्राम गृह के उद्घाटन अवसर पर बोलते हुए दी। लगभग 28 वर्ष पुराने इस विश्राम गृह के पुनर्निर्माण पर 20 लाख रुपये की लागत आई।
बिजली मंत्री ने बताया कि जिला फतेहाबाद के गोरखपुर में लगाये जाने वाले परमाणु बिजली संयंत्र को लेकर सभी तरह की बाधाओं को दूर कर लिया गया है और अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही इस बिजली संयंत्र की चार दिवारी का कार्य शुरू किया जायेगा और भवन निर्माण का कार्य अगले छह महीनों में शुरू कर दिया जायेगा।
कैप्टन यादव ने बताया कि चीन के लगभग 15 इंजीनियर इस महीने के अंत तक हरियाणा आ रहे है जो चीनी तकनीक पर आधारित बिजली संयंत्रों के सुचारू ढंग से काम शुरू करने तक यहां रहेंगे। यमुनानगर तथा खेदड़ (हिसार) बिजली संयंत्रों में चीनी मशीनरी लगी हुई है। कैप्टन यादव ने बताया कि यमुनानगर बिजली संयंत्र ने वर्ष 2008-09 में काम करना शुरू किया था और अच्छा कार्य किया है। इस बिजली संयंत्र में विगत वर्ष के दौरान रोटर में खराबी के कारण समस्या उत्पन्न हुई जोकि चीनी कंपनी का था और भारत में इसकी मरम्मत नहीं हो सकती थी।
उन्होंने बताया कि राज्य के ताप बिजली संयंत्रों में बिजली उत्पादन कोयले की पर्याप्त उपलब्धता न होने के कारण भी प्रभावित हुआ। उन्होंने बताया कि प्रदेश को कोयला मंत्रालय द्वारा आश्वस्त मात्रा से से भी आधा कोयला मिल रहा है। झज्जर और हिसार के बिजली संयंत्रों का उल्लेख करते हुए बिजली मंत्री ने बताया कि झज्जर में 1320 मेगावॉट के सीएलपी बिजली संयंत्र को प्रतिदिन 24000 टन कोयले की आवश्यकता होती है, जिसकी तुलना में लगभग6000 टन कोयला ही प्राप्त हुआ। इसी तरह खेदड़ बिजली संयंत्र को प्रतिदिन लगभग20000 टन कोयले की आवश्यकता होती है और इसे 12000 टन कोयला मिला।
कैप्टन यादव ने कहा कि ‘कोयले की कमी के कारण ही हम बिजली संयंत्रों को पूरे लोड़ पर नहीं चला सके और आगामी गर्मियों के दौरान आयातित कोयला को घरेलू कोयले के साथ मिश्रित कर कोयले की जरूरत को पूरा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जब राज्य को यमुनानगर बिजली संयंत्र की 660 मेगावॉट की तीसरी इकाई के लिए कोयला लिंकेज मिल जायेगा तो उसका निर्माण भी कर दिया जायेगा।
उन्होंने बताया कि गुजरात के अदानी बिजली संयंत्र ने हरियाणा को 7 फरवरी से 1424 मेगावॉट बिजली उपलब्ध करवाने पर सहमति जताई है। यह समझौता वर्ष 2008 में हुआ था। इस समय अदानी से केवल 400 मेगावॉट बिजली ही प्राप्त हो रही है।
गुड़गांव में बिजली आपूर्ति की स्थिति पर कैप्टन यादव ने बताया कि इस समय गुड़गांव में प्रतिदिन बिजली की खपत 150 लाख यूनिट है, जिसके गर्मियों के दौरान बढ़कर 200 लाख यूनिट प्रतिदिन होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि दौलताबाद में 400 केवी सब स्टेशन को झज्जर बिजली संयंत्र से सीधे बिजली आपूर्ति की जा रही है।