चंडीगढ़ - हरियाणा ‘राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम’ को शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। स्वास्थ्य मंत्री राव नरेन्द्र सिंह ने आज राज्य में कार्यक्रम के पहले चरण का शुभारंभ किया, जिसे राज्य के छह जिलों में शुरू किया जा रहा है।
आज एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ‘राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम’ की शुरूआत करते हुए राव नरेन्द्र सिंह ने बताया कि कार्यक्रम को पहले चरण में अम्बाला, पंचकूला, करनाल, यमुनानगर, पलवल के हथीन ब्लॉक तथा मेवात के नूंह ब्लॉक में शुरू किया जा रहा है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश में ‘मासिक स्वच्छता योजना’ का शुभारंभ भी किया, जिसे पहले चरण में सात जिलों नामत: जींद, हिसार, सिरसा, सोनीपत, भिवानी, करनाल तथा मेवात में लागू किया जा रहा है। इस योजना को सफल बनाने के लिए राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी रानी रामपाल को ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने योजना को सफल बनाने के लिए स्वैच्छिक भाव से आगे आने तथा सहयोग देने पर रानी रामपाल की प्रशंसा की।
राव नरेन्द्र सिंह ने कहा कि जिस प्रकार देश को पोलियो मुक्त बनाने में सफलता हासिल हुई है, उसी प्रकार हरियाणा को अनीमिया मुक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि यूएन मिलेनियम डेवलेपमेंट गोल्स को तब तक प्राप्त नहीं किया जा सकता जब तक प्रदेश पूरी तरह से अनीमिया से मुक्ति न हो जाये। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा लगभग एक महीने पहले आरंभ किए गए राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम को लागू करने में हरियाणा ने पहल की है, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बधाई के पात्र है।
उन्होंने बताया कि ‘राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम’ का उद्देश्य प्रदेश में 10 से 19 वर्ष की आयु के किशोरों की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार लाना तथा उनके शारीरिक विकास से संबंधित जरूरतों को पूरा करना है, जिनमें किशोरों की यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करना, पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करना, उनका बौद्धिक विकास, घरेलू एवं लिंग आधारित हिंसा से रोकथाम, नशावृति से रोकथाम तथा गैर संचारी रोगों एवं अनीमिया से रोकथाम शामिल हैं।
कार्यक्रम के अंतर्गत 1000 की जनसंख्या वाले प्रत्येक गांव से 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के दो लडक़े व दो लड़कियां का चयन पियर एजुकेटर के रूप में किया जायेगा तथा उन्हें चिकित्सकों द्वारा किशोर स्वास्थ्य से संबंधी मुद्दों पर प्रशिक्षण दिया जायेगा। ये पियर एजुकेटर गांव में किशोरों को उनकी स्वास्थ्य समस्याओं एवं जरूरतों के प्रति जागरूक करेंगे। इस कार्य के लिए पियर एजुकेटर्स को 150 रुपये प्रति माह प्रोत्साहन राशि भी दी जायेगी।
इसके अलावा, कार्यक्रम के तहत प्रत्येक तिमाही पर हर गांव में किशोर स्वास्थ्य दिवस का आयोजन किया जायेगा। इस दिन किशोरों को उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरत के अनुसार सैनिटरी नैपकिन, आयरन फॉलिक एसीड की गोलियां, एल्बेंडाजोल की गोलियां, पेट दर्द की दवाईयां तथा गर्भनिरोधक वितरित की जायेगी।
राव नरेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में किशोरावस्था प्रजनन एवं यौन स्वास्थ्य कार्यक्रम ‘अर्श’ के तहत सभी जिलों के सामान्य अस्पतालों पर ‘किशोर मित्रता क्लीनिक’ खोले गये है, जहां युवा लडक़े/लड़कियों को यौन एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के साथ उचित चिकित्सीय परामर्श एवं इलाज की सुविधा दी जाती है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत अब ऐसे क्लीनिकों को और अधिक सुदृढ़ बनाया जायेगा तथा ऐसे क्लीनिक उप स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के स्तर पर भी खोले जायेंगे।
इसी प्रकार, मासिक स्वच्छता योजना के अंतर्गत आशा कर्मियों के माध्यम से 10 से 19 वर्ष की आयु की ग्रामीण किशोरियों को अस्वच्छ एवं पारम्परिक तौर तरीकों के स्थान पर सैनिटरी नैपकिन के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा, जिसके लिए आशा कर्मी प्रत्येक माह आंगनवाड़ी केन्द्रों या पंचायत भवनों में किशोरी लड़कियों के साथ बैठक कर सैनिटरी नैपकिन की उपयोगिता के बारे में बतायेंगी।
उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए प्रत्येक आशा कर्मी को एएनएम के माध्यम से प्रति बैठक 50 रुपये दिये जायेंगे। योजना के तहत लड़कियों को सैनिटरी नैपकिन छह रुपये प्रति पैक की किफायती दर पर मिलेंगे तथा आशा कर्मी द्वारा सैनिटरी नैपकिन की बिक्री पर एक रुपया प्रति पैक प्रोत्साहन भी दिया जायेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि किशोरावस्था जीवन की ऐसी अवस्था है, जिसमें शारीरिक विकास तेजी से होता है। बच्चे की मनोवैज्ञानिक स्थिति तथा व्यवहार में बदलाव आता है। इस अवस्था में बच्चा अपने बचपन से निकलकर वयस्कता में प्रवेश करता है। इस आयु वर्ग की अलग समस्याएं एवं जरूरतें होती है, जिस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है और इन्हीं जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम लागू किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हरियाणा में 10 से 19 वर्ष की आयु की किशोर जनसंख्या लगभग 55 लाख है जोकि राज्य का भविष्य है। राज्य की इस उभरती पीढ़ी की स्वास्थ्य एवं शारीरिक विकास संबंधी जरूरतों को पूरा करना महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य मंत्री ने कार्यक्रम के प्रति जागरूकता लाने तथा इसकी सफलता के लिए मीडिया से सहयोग की अपील की।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने किशोर स्वास्थ्य शिक्षा की मार्गदर्शिका तथा मासिक महावारी स्वच्छता कार्यक्रम पर दो पुस्तकों का विमोचन भी किया।
इस अवसर पर समारोह को स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव नवराज संधू, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ राकेश गुप्ता तथा केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की उपायुक्त, किशोर स्वास्थ्य, डॉ सुषमा दुरेजा ने भी संबोधित किया।