चण्डीगढ़, 25 जनवरी- हरियाणा की अनुसूचित जाति एंव पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्रीमती गीता भुक्कल ने आज कहा कि राज्य सरकार ने राज्य की सामान्य जाति में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को सरकारी एवं सार्वजनिक उपक्रमों तथा स्थानीय निकायों में नौकरी के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण उपलब्ध करवाने के संबंध में अधिसूचना जारी की गई है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गाें के लिए निर्धारित मानदंड के अनुसार आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण के इच्छुक आवेदक के लिए ‘परिवार’ का अभिप्राय परिवार का मुखिया तथा उसकी पत्नी या पति, आश्रित बच्चे या पति-पत्नी तथा अविवाहित आश्रित भाई या अविवाहित आश्रित बहनें है। उन्होंने कहा कि परिवार की कृषि आय सहित सभी स्त्रोतों से कुल वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। यदि परिवार का कोई सदस्य आयकर या संपति कर दाता है तो आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने प्रदेश के निवासी बिश्नोई, जाट, जट्ट सिख, रोड़ तथा त्यागी जाति के लोगों को विशेष पिछड़ा वर्ग घोषित किया है। इसके साथ-साथ सामान्य वर्ग की आर्थिक रूप से पिछड़ी विशेष जातियों को भी 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ देने की घोषणा की गई है। इस संबंध में अधिसूचनाएं जारी कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि परिवार के किसी सदस्य के ऐसी नौकरी से रिटायर होने या स्वैच्छिक रूप से रिटायरमेंट लेने या सेवा से बर्खास्त या अनिवार्य रूप से रिटायरमेंट के मामले में उक्त वर्णन के अनुसार उसे सेवा में माना जाएगा। यदि परिवार डाक्टर, अधिवक्ता, चार्टर्ड अकाऊंटेट, आयकर सलाहकार, वित्तीय या प्रबंधन सलाहकार, अभियंता, वास्तुकार, कम्प्यूटर विशेषज्ञ,फिल्म या टीवी कलाकार, नाटक लेखक, लेखक, मॉडल, मीडिया कर्मी या संविधान के तहत या किसी ऐसे विधान के तहत कोई निर्वाचित या नियुक्ति पद धारण करता है, जिसमें वेतन की अदायगी की जाती है तो उन पर आयकर मानदंड लागू होंगे।
उन्होंने बताया कि परिवार का सदस्य सेना में सैकेंड लैफ्टिनेंट या इससे उच्च पद पर या अर्द्घ सैनिक बलों में इसके समकक्ष पद पर नियुक्त नहीं होना चाहिए। हरियाणा पिछड़े वर्ग आयोग की सिफारिश के अनुसार आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए 10 प्रतिशत का आरक्षण वर्टिकल होगा, होरिजोंटल नहीं। उन्होंने बताया कि आवेदक या परिवार भारत सरकार या राज्य सरकार में श्रेणी-1 या श्रेणी-2 के पद पर अथवा किसी वैधानिक बोर्ड/नियम/विश्वविद्यालय/सोसाइटी/न्यास में अथवा किसी सार्वजनिक या निजी लिमिटेड कम्पनी या किसी अन्तर्राष्ट्रीय संगठन में इसके समकक्ष पद पर नहीं होना चाहिए।
उन्होंने बताया कि विशेष पिछड़ा वर्ग की जातियों को दिया गया आरक्षण वर्तमान में अन्य पिछड़े वर्गाें के लिए पहले से अधिसूचित 27 प्रतिशत आरक्षण से अलग है। विशेष पिछड़ा वर्ग को आरक्षण का लाभ राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए लागू मानदंडों के अनुरूप दिया जायेगा।