पंचकूला - पंचकूला में स्थित हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी (हरियाणा सरकार) के निदेशक सुखचैन सिंह भंडारी ने आज बताया कि हरियाणा सरकार अकादमी के माध्यम से हरियाणा प्रांत में पंजाबी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रयत्नशील है। इसी कड़ी में अकादमी द्वारा हरियाणा की पंजाबी कहानी को मंच प्रदान करने के लिए सिरसा के साहित्य सदन लाइब्रेरी में एक कहानी वर्कशाप और कहानी पाठ का आयोजन किया गया जिसमें लगभग एक सौ लेखकों और हरियाणा के एक दर्जन पंजाबी कहानीकारों ने भाग लिया। कहानी क्या होती है और कैसे इसका उद्गम होता है और इसमें क्या-क्या नियम होने चाहिएं इस पर डा.रूप देवगुण, डा.राज कुमार निजात और डा. जी.डी. चौधरी ने कहानी की तकनीक के बारे में अपने-अपने विचार पुस्तुत किए। इसके पश्चात् हरियाणा की पंजाबी कहानी के संदर्भ में 5 कहानीकारों ने जिनमें जोगिनद्र कौर अग्निहोत्री, डा.नायब सिंह मंडेर, लखविन्द्र सिंह बाजवा, डा.शील कुमारी कौशिक और डा.रूपदेवगुण ने अपनी-अपनी कहानियों का पाठ किया जिन्हें श्रोताओं ने भरपूर सराहा।
इस अवसर पर अकादमी निदेशक सुखचैन सिंह भंडारी ने अपने संबोधन में कहा कि समस्त हरियाणा में पंजाबी भाषा और साहित्य को प्रफु ल्ति करने के लिए अकादमी गांव, कस्बों,और शहरों के भिन्न-भिन्न आदरों में जाकर कवि दरबार,कहानी दरबार, सूफियाना कलाम, नुक्कड़ नाटक और विद्यार्थी प्रतियोगिताएँ करवाकर पंजाबी बोली का प्रचार-प्रसार कर रही है। भिन्न-भिन्न स्कूलों और कालिजों में पंजाबी भाषा के प्रचार हेतु प्रतियोगिताएँ आयोजित की जा रही है जिससे बच्चों में इस भाषा को सीखने की जागरूकता आ रही है।