चंडीगढ़, ब्यूरो। हरियाणा के बदले हुए राजनीतिक हालातों में शुक्रवार को हरियाणा कांग्रेस चुनाव समीति की बैठक होने जा रही है। इस बैठक में कांग्रेस द्वारा लोकसभा चुनाव के लिए रणनीति तैयार की जाएगी। हुड्डा विरोधियों के कथित दबाव के चलते कांग्रेस हाईकमान ने दो दिन पहले चुनाव समीति में फेरबदल करके अंतिम सूची जारी की थी। इससे पहले समीति की बैठक 21 जनवरी को चंडीगढ़ में रखी गई थी। जिसे हुड्डा विरोधी नेताओं के दबाव के चलते ऐन मौके पर रद्द कर दिया गया। कुमारी सैलजा तथा बीरेंद्र सिंह डूमरखां को इस समीति में शामिल किए जाने के बाद शुक्रवार को बैठक का आयोजन होने जा रहा है।
इस समय इस समीति में मुख्यमंत्री हुड्डा के अलावा राज्य सभा सांसद कुमारी सैलजा, बीरेंद्र सिंह डूमरखां, डॉ.रामप्रकाश, शादीलाल बत्तरा, कांग्रेस अध्यक्ष फूलचंद मुलाना, सुरेश गुप्ता, सांसद अशोक तंवर, सांसद अवतार भड़ाना, वित्त मंत्री हरमोहिंदर सिंह च_ा, बिजली मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला, गीता भुक्कल, सावित्री जिंदल, आफताब अहमद, अंबाला के विधायक विनोद शर्मा, पानीपत के विधायक बलवीर पाल शाह, जगदीश नेहरा, राजकुमार वाल्मीकि, सैलजा समर्थक सुरेश गुप्ता के अलावा पदेन सदस्यों में अमित सिहाग, छोटा सिंह चौहान, सुमिता सिंह आदि को शामिल किया गया है।
हरियाणा कांग्रेस की राजनीति में पिछले एक सप्ताह से उठापटक चल रही है। कुमारी सैलजा के राज्यसभा में जाने के बाद मुख्यमंत्री ने बीते कल परोक्ष रूप से उनके बारे में टिप्पणी की थी। जिसे लेकर आज दिनभर हंगामा होता रहा है। इसके अलावा पिछले कई दिनों से सिरसा के सांसद अशोक तंवर को कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की कवायद चल रही है। पानीपत के विधायक बलवीरपाल शाह नाटकीय घटनाक्रम में पहले ही इस समीति से खुद को अलग करने का राजनीतिक ड्रामा कर चुके हैं। जिसके बाद हरमोहिंदर सिंह च_ा को समीति में शामिल किया गया था। इन हालातों के चलते शुक्रवार को होने वाली बैठक काफी अहम मानी जा रही है। बीरेंद्र सिंह डूमरखां के मारीशस से वापस आने को लेकर बृहस्पतिवार को देरशाम तक अटकलों का दौर जारी रहा। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बैठक में हुड्डा विरोधी सरकार तथा संगठन की कार्यशैली पर हुड्डा खेमे को कटघरे में खड़ा करेंगे।