चंडीगढ़, ब्यूरो। हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में चालक के सामान्य श्रेणी के पदों पर सीधी भर्ती एवं पदोन्नति के लिए योग्यताओं एवं अनुभव में सामानता लाने के लिए विभागों के सेवा नियमों में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा यह पाया गया है कि चालक का पद सामान्य श्रेणी का पद है और यह पद सभी विभागों में है, लेकिन विभागों के सेवा नियमों में इस पद के लिए योग्यता एवं अनुभव अलग-अलग निर्धारित किए गए हैं। अत:योग्यता एवं अनुभव में समानता लाने के लिए सेवा नियमों में संशोधन आवश्यक है, जिसके अनुसार चालक के पद पर सीधी भर्ती या पदोन्नति के लिए आवश्यक योग्यता एवं अनुभव हिन्दी या संस्कृत के साथ मैट्रिक और कम से कम तीन वर्ष के अनुभव के साथ वैध ड्राईविंग लाईसैंस निर्धारित किया गया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि 10 अगस्त, 2010 को मंत्री परिषद् ने कनिष्ठï प्रशिक्षकों तथा कनिष्ठï योग प्रशिक्षकों के काडर को खेल प्रशिक्षकों एवं योग प्रशिक्षकों के काडर में समायोजित करने का निर्णय लिया था।
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा निपटाए जा रहे विषयों एवं अधिनियमों को दर्शाते हुए विभाग का नाम फरवरी, 2013 तक संशोधित हरियाणा सरकार कार्य संचालन (आवंटन) नियम, 1974 में शामिल करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इस आशय का निर्णय इसे एक कानूनी अस्तित्व देने के लिए लिया गया है क्योंकि 1992 में विभाग के गठन से लेकर अब तक अनेक नए कार्यक्रमों एवं योजनाओं तथा परियोजनाओं को शुरू एवं शामिल करने के साथ इसका कई गुणा विस्तार हुआ है।