चंडीगढ़, ब्यूरो। हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सोहना वाटर वर्कस के लिए वन विभाग की अधिग्रहित की गई भूमि में से घामरौज गांव में 2.39 हैक्टेयर गैर-वन भूमि वन विभाग को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।
उल्लेखनीय है कि सोहना तथा शहर के आसपास के क्षेत्रों में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड ने 10 नवंबर, 2008 को सोहना तथा रोजका मेव में पेयजल आपूर्ति संवर्धन के लिए पेयजल की आवश्यकता तथा भविष्य की परियोजनाओं की मांग के लिये 6534.30 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की थी। केवल 23.90 किलोमीटर दूरी में मुख्य पाईप लाईन बिछाने के कार्य को छोडक़र परियोजना का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। यह क्षेत्र वन विभाग में पडऩे के कारण वन विभाग की अनुमति के लिये रूका हुआ है क्योंकि बिछाई जाने वाले राईजि़ंग मुख्य पाईप लाईन की जमीन का रख रखाव वन विभाग द्वारा किया जाना है।
वन विभाग की नीति के अनुसार वन विभाग की भूमि के बदले वनीकरण के लिए प्रतिपूर्ति के रूप में उतनी की गैर वन भूमि दी जानी आवश्यक है। केन्द्रीय वन संरक्षक तथा गुडग़ांव के उप-वन संरक्षक ने वन विभाग की भूमि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को स्थानान्तरित करने की औपचारिक अनुमति प्रदान कर दी है। तदानुसार, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को उतनी ही 2.39 हैक्टेयर गैर वन भूमि वन विभाग को वनीकरण के लिये प्रतिपूर्ति के रूप में हस्तांतरित करनी है।
मंत्रिमण्डल ने नगर पालिका जुलाना की 1000 वर्ग गज भूमि ब्राह्मण सभा (रजि0), जुलाना को धर्मशाला तथा परशुराम मंदिर के निर्माण के लिए 99 वर्षों की अवधि के आधार पर आबंटित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।
मंत्रिमंडल ने यह महसूस किया कि नगरपालिका, जुलाना ने ब्राह्मण सभा, जुलाना के अध्यक्ष के अनुरोध पर भूमि आबंटन के लिये प्रस्ताव पारित किया है। भूमि वर्तमान 4,000 प्रति वर्ग गज जमा 80 रुपये प्रति वर्ग गज के विकास शुल्क के वर्तमान मार्किट दर के अनुरूप आबंटित की जायेगी।