चंडीगढ़ - हरियाणा सरकार द्वारा संचालित हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी के तत्वाधान में मकरसक्रांति के शुभ अवसर पर हरियाणा के कस्बा रादौर में स्थित मुकुन्द लाल नेशनल कालेज के आडीटोरियम में एक पंजाबी कवि दरबार का आयोजन किया गया जिसमें हरियाणा के प्रसिद्ध पंजाबी कवियों ने अपनी-अपनी कविताओं द्वारा श्रोताओं को भिन्न-भिन्न विषयों से सम्बंधित कविताएं सुनाकर आनंदित किया। इन कविताओं में जहां माघी उत्सव, लोहड़ी और मकरसक्रांति के साथ जुड़ी कविताओं का पाठ किया गया, वहीं देश प्यार और गणतंत्र दिवस को सलाम करती रचनाएं भी शामिल थीं। इन कवियों में युमनानगर से डा ऱामेश कुमार, डा.निरमल सिंह, डा.तिलक राज, अम्बाला से डा. रतन सिंह ढिल्लों और सूफी जगजीत सिंह, सिरसा से कशमीर मौजी, करनाल से लख करनालवी और सुखचैन सिंह भंडारी शामिल थे। यह काव्य महफि़ ल लगभग ढाई घन्टे चली और कालेज के विद्यार्थियों ने हर शेयर पर तालियां बजा कर कवियों का उत्साह बढ़ाया । देश प्यार से जुड़ी हुई एक कविता का शेयर देखिए :-
शहीदां दी हस्ती मिटा कोई नहीं सकदा
ओहना दा लहू भुला कोई नहीं सकदा
ओह मरदे ते मरदे सी मर जांदे बेशक
सिर ओहनां दा पर झुका कोई नहीं सकदा
अकादमी निदेशक सुखचैन सिंह भंडारी ने अपने सम्बोधन में कहा कि हरियाणा सरकार पंजाबी अकादमी के माध्यम से, समस्त हरियाणा प्रांत में पंजाबी भाषा, साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह अग्रसर है और भविष्य में भी इसके प्रचार -प्रसार के लिए कार्यक्रम आयोजित होते रहेंगे ताकि हरियाणा के पंजाबी नागरिक अपनी मां बोली से जुड़े रहें।