चंडीगढ़ - हरियाणा के रेवाड़ी में एक अवैध ब्लड-बैंक का पर्दाफाश किया गया है। इस मामले में ब्लड-बैंक चलाने वाले मालिक के अलावा इस जघन्य अपराध में शामिल पाए गए एक डाक्टर, नर्सिंग स्टाफ व दो रक्तदाताओं के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त राकेश गुप्ता, राज्य ड्रग नियंत्रक डा. जी.एल सिंघल ने इस संबंध में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं तथा ऐसे लोगों के खिलाफ एक अभियान चलाने को कहा है जो इस प्रकार के जघन्य कार्यों में शामिल हैं।
एक सरकारी प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन को गुप्त सूचना मिली कि रेवाड़ी में कुछ लोगों की मिलीभगत से अवैध ब्लड-बैंक चल रहा है जिसमें नियमों को ताक पर रखकर मरीजों को ब्लड दिया जा रहा है। इस सूचना पर रेवाड़ी के सिविल सर्जन द्वारा गत 9 जनवरी को एक टीम का गठन किया गया जिसमें दवा नियंत्रक अधिकारी अमनदीप चौहान,डिप्टी सिविल सर्जन डा. कमल मेहरा,डा. सर्वजीत थापर तथा मैडिकल आफिसर डा. दीपक शामिल थे। इस टीम को गत 3 जनवरी की रात को मरीज राजाराम को चढ़ाए गए बिना लेबल के रक्त के मामले की जांच करने का जिम्मा सौंपा गया। मैडिकल अधिकरियों ने संबंधित स्थान का दौरा किया और उस रक्त की प्राप्ति के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। टीम ने मौके से एक यूनिट बिना प्रयोग किया हुआ रक्त तथा आधा यूनिट जो चढ़ाया जा रहा था,को सीज कर दिया गया। टीम ने मरीज राजाराम से पूछताछ की जिसमें उसने बताया कि ओ.पी.डी स्लीप पर डा. पुनीत कत्याल ने 2 यूनिट रक्त लाने के लिए लिखा था। उसने बताया कि उसे कोई अनुरोध फार्म भी नहीं दिया गया।
राजाराम ने आगे बताया कि रक्त देने के लिए उसने अपने दोस्त सत्यवान व गोपीचंद को बुला लिया और उन्होंने भारवास रोड़,रेवाड़ी पर स्थित संजीवनी अस्पताल में रक्त दे दिया तथा इसके लिए 2500 रूपए भी अदा किए। न तो पीडि़त और न ही रक्त की जांच की गई। रक्त के ये दोनों असुरक्षित पाऊच मरीज राजाराम को सौंप दिए गए जिनको लेकर वह कत्याल अस्पताल आ गया। वहां पर नर्सिंग स्टाफ संजय ने मरीज को रक्त चढ़ाना शुरू कर दिया। टीम ने राजाराम,संजय और डा. कत्याल के बयान लिए।
इसके बाद टीम ने संजीवनी अस्पताल के मालिक डा.विकास शर्मा के बयान दर्ज किए जहां अवैध रूप से रक्तदाताओं द्वारा रक्त दिया जा रहा था। टीम ने इस संबंध में डा. पुनीत कत्याल,डा. विकास शर्मा,नर्सिंग स्टाफ संजय तथा रक्तदाता सत्यवान व गोपीचंद के खिलाफ रेवाड़ी के पुलिस स्टेशन में शिकायत दे दी है।