चण्डीगढ़ - हरियाणा में नीम हकीमों के विरूद्घ अपनी कार्यवाही को जारी रखते हुए राज्य स्वास्थ्य विभाग ने तीन नीम हकीमों के विरूद्घ प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की है। इसके अतिरिक्त, एक डॉक्टर के विरूद्घ औषध एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम के तहत एक अन्य एफआईआर भी दर्ज की गई है।
डॉ0 गुप्ता, मिशन निदेशक,राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं आयुक्त, खाद्य एवं औषध प्रशासन, हरियाणा ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि एक एफआईआर सागर सरकार नामक नीम हकीम के विरूद्घ दर्ज की गई है जो जिला पंचकूला के गांव अभयपुर में ‘बंगाली क्लीनिक’ के नाम से एक क्लीनिक चला रहा था। उन्होंने कहा कि उसकी ‘बंगाली क्लीनिक’ की जांच के दौरान 23 प्रकार की दवाइयां जब्त की गई। वहां से कुछ पहले इस्तेमाल की जा चुकी सुइयां भी मिलीं।
उन्होंने कहा कि दूसरी एफआईआर रजनी के विरूद्घ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 420, भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम की धारा-336,15(2), 15(3) और औषध एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम की धारा 18ए तथा 18सी के तहत दर्ज की गई। वह जिला पलवल में गांव सराय में ‘जनहित स्वास्थ्य केन्द्र’ चला रही थी। उसके ‘जनहित स्वास्थ्य केन्द्र’ से 45 प्रकार की दवाइयां जब्त की गईं। वहां कुछ चिकित्सा उपकरण भी मिले। तीसरी एफआईआर जिला करनाल के निलोखेड़ी में एक अन्य नीम हकीम नरेन्द्र कुमार के विरूद्घ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 420 और भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम की धारा-15(2), 15(3) के तहत दर्ज की गई है।
डॉ0 गुप्ता ने कहा कि एक अन्य एफआईआर आंचल नर्सिंग होम, भिवानी के मालिक डॉ0 विनोद आंचल के विरूद्घ दर्ज की गई है। उसके क्लीनिक से बड़ी मात्रा में ऐसी दवाइयां मिली जिस पर ‘फिजिशियन सैम्पल बिक्री के लिए नहीं’ लिखा हुआ था और इसके अतिरिक्त, दवाइयों के 12 प्रकार के नमूने भी जब्त किए गए। डॉ0 विनोद आंचल ने अपनी सरकारी ड्युटी निभा रहे टीम के सदस्यों के कार्य में भी बाधा उत्पन्न की। डॉ0 विनोद आंचल को औषध एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम की धारा 18ए तथा 18सी के तहत गिरफ्तार किया गया है और उसे कुरूक्षेत्र में मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की अदालत में पेश किया जाएगा।