चंडीगढ़ - हरियाणा सरकार ने साइकिल रिक्शा चालकों, ऑटो ड्राईवरों, कूड़ा बीनने वालों, खदान में काम करने वालों, सफाई कर्मचारियों तथा रेलवे कुलियों को कैशलेस स्वास्थ्य बीमा लाभ प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के विस्तार को सहमति प्रदान की है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए श्रम एवं रोजगार विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस समय प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत बीपीएल परिवारों को शामिल किया गया है, जिन्हें पैनल में शामिल सार्वजनिक तथा निजी अस्पतालों में चिकित्सा देखभाल के लिए 30 हजार रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य बीमा लाभ दिया जाता है। इस योजना में आंगनवाड़ी कर्मियों को भी शामिल किया गया है। राज्य सरकार द्वारा आम आदमी बीमा योजना तथा जनश्री बीमा योजना के लाभ पात्रों को भी राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है जबकि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभ पात्रों को भी राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत कवर करने का मामला प्रक्रियाधीन है।
उन्होंने बताया कि इस समय प्रदेश में 13.68 लाख बीमित व्यक्तियों तथा उनके परिवारों को सात कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) अस्पताल, जिसमें चार राज्य ईएसआई अस्पताल तथा तीन ईएसआईसी अस्पतालों तथा 62 ईएसआई डिस्पेंसरियों, जिसमें एक मोबाइल डिस्पेंसरी तथा दो आयुर्वेदिक डिस्पेंसरियां शामिल है, के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं दी जा रही है। राज्य सरकार द्वारा बीमित व्यक्तियों को प्राथमिक एवं द्वितीयक स्तर की सेवाएं प्रदान की जाती है जबकि तृतीयक स्तर की सेवाएं ईएसआई निगम द्वारा पैनल में शामिल निजी अस्पतालों के माध्यम से दी जाती है।उन्होंने बताया कि इस वर्ष ईएसआई अस्पताल, फरीदाबाद में ईएसआईसी मेडिकल कालेज शुरू हो गया। इसके अलावा, कर्मचारी राज्य बीमा स्वास्थ्य देखभाल विभाग द्वारा नारनौल, खेरकीडौला (मानेसर) तथा इस्लामपुर (गुड़गांव) में तीन नई ईएसआई डिस्पेंसरियां शुरू की गई। इसके साथ-साथ गुड़गांव की ईएसआई डिस्पेंसरी में नई आयुर्वेदिक विंग की शुरूआत की गई। ईएसआई डिस्पेंसरी रोहतक को मॉडल डिस्पेंसरी एवं डायग्नोस्टिक सेंटर के रूप में अपग्रेड किया गया।