चंडीगढ़ - हरियाणा के परिवहन मंत्री आफताब अहमद की अध्यक्षता में आज हरियाणा सडक़ सुरक्षा परिषद की बैठक हुई, जिसमें सड़क सुरक्षा से संबंधित अनेक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव सुलतान सिंह जडोला के अलावा अनेक अधिकारी भी उपस्थित थे।
बैठक में बताया कि दुर्घटना संभावित 1170 स्थानों की पहचान की गई है और इन स्थानों पर भविष्य में दुर्घटना न हो, इसके लिए परिवहन मंत्री ने उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। क्योंकि यातायात व्यवस्था को सुचारू करने के लिए ट्रैफिक लाइटस का अहम रोल होता है, इसलिए पुलिस विभाग ने प्रदेश में 47 ऐसे स्थान चिन्हित किए हैं जहां पर ट्रैफिक लाइटस की आवश्यकता है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग, भवन एवं सडक़ें, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और शहरी स्थानीय निकाय विभाग को कार्यवाही करने के लिए सूची सौंपी गई है।
सडक़ सुरक्षा परिषद की बैठक में स्पीड ब्रेकर, हाइवे पर ट्रैफिक चिन्हों को अंकित करने, अवैध रोड़-कट एवं हाइवे के साथ पैदल चलने वाले तथा साइकिल चालकों के लिए रास्ता निर्धारित करने पर भी चर्चा की गई। सडक़ पर पैने मोड़ पर पेड़-पौधों को सही करने के लिए वन विभाग को कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए गए।
लंबी दूरी तय करने वाले भारी वाहनों के चालकों को उचित समय के अंतराल में विश्राम करने के लिए विश्राम स्थलों के निर्माण की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई ताकि चालकों की थकान के कारण दुर्घटना ना हो।
बैठक में बताया कि गया कि सडक़ पर होने वाली दुर्घटनाओं में घायल लोगों को त्वरित इलाज मुहैया करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदेश में सात ट्रामा सैंटर करनाल, सिरसा, बहादुरगढ़, रेवाड़ी,यमुनानगर अंबाला और पानीपत में बनाए गए हैं। इसके अलावा दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ओवरस्पीड, शराब पीकर गाड़ी चलाने तथा बिना हैलमैट वाहन चलाने के मामले में चालान काटने की प्रक्रिया में तेजी लाने के भी निर्देश दिए गए। केंद्रीय सरकार व राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा परिषद द्वारा चलाई जा रही प्रक्रिया के तहत ड्राफ्ट एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।