चण्डीगढ़ - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने घोषणा की कि आज उनकी अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मंत्रिमंडल ने प्रदेश में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए आरक्षण करने के संबंध में वित्त मंत्री श्री एच एस चट्ठा के नेतृत्व में गठित मंत्रिमंडल उप कमेटी की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है।
मुख्यमंत्री जो मंत्रिमंडल की बैठक के उपरान्त पत्रकारों को सम्बोधित कर रहे थे, ने कहा कि हरियाणा पिछड़े वर्ग आयोग की सिफारिश के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत का आरक्षण वर्टिकल होगा और होरिजोंटल नहीं।
यहां यह उल्लेखनीय होगा कि 12 दिसम्बर, 2012 को मंत्रिमंडल ने सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए आरक्षण करने के संबंध में पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिशों पर विचार करने तथा आयोग के सुझावों के अनुसार विशेष पिछड़़े वर्गों के आर्थिक उत्थान के लिए विशिष्ट कार्यक्रम सुझाने के लिए एक मंत्रिमंडल उप क मेटी का गठन किया था।
मंत्रिमंडल उप कमेटी ने हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट पर विचार किया, आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की योग्यता के अनुरूप पहचान की तथा 22 जनवरी, 2013 को अपनी रिपोर्ट पे्रषित की, जिसमें आर्थिक रूप से पिछड़ा मानने के लिए एक मानदण्ड अपनाए जाने की सिफारिश की गई। इस मानदण्ड के अनुसार आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण के इच्छुक आवेदक के लिए ‘परिवार’ का अभिप्राय परिवार का मुखिया तथा उसका पति या पत्नी, अविवाहित पुत्र या अविवाहित पुत्री, आवेदक तथा उसका पति या पत्नी, आश्रित माता-पिता या आश्रित बच्चे, अविवाहित आश्रित भाई या अविवाहित आश्रित बहनें तथा परिवार के मुखिया या आवेदक पर आश्रित कोई अन्य व्यक्ति होगा।
परिवार की कृषि आय सहित सभी स्त्रोतों से कुल वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। यह पाया गया है कि वर्ष 2011-12 में हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय 1,10,000 रुपये थी। इसे दो से गुणा करने पर यह 2.20 लाख रुपये बन जाती है। मुद्रा स्फ्रीति तथा अन्य दबावों को जोड़कर इस राशि को 2.50 लाख रुपये किया गया है। अतः आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग श्रेणी में पात्रता के लिए आवेदक के परिवार की कुल वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
यदि परिवार का कोई सदस्य आयकर या संपति कर दाता है तो आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाएगा। आवेदक या परिवार भारत सरकार या राज्य सरकार में श्रेणी-1 या श्रेणी-2 के पद पर अथवा किसी वैधानिक बोर्ड/नियम/विश्वविद्यालय/सोसाइटी/न्यास में अथवा किसी सार्वजनिक या निजी लिमिटेड कम्पनी या किसी अन्तर्राष्ट्रीय संगठन में इसके समकक्ष पद पर नहीं होना चाहिए।
परिवार के किसी सदस्य के ऐसी नौकरी से रिटायर होने या स्वैच्छिक रूप से रिटायरमेंट लेने या सेवा से बर्खास्त या अनिवार्य रूप से रिटायरमेंट के मामले में उक्त वर्णन के अनुसार उसे सेवा में माना जाएगा। यदि परिवार डाक्टर, अधिवक्ता, चार्टिड अकाऊंटेट, आयकर सलाहकार, वित्तीय या प्रबन्धन सलाहकार, अभियंता, वास्तुकार, कम्प्यूटर विशेषज्ञ, फिल्म या टीवी कलाकार, नाटक लेखक, लेखक, मॉडल, मीडिया कर्मी या संविधान के तहत या किसी ऐसे विधान के तहत कोई निर्वाचित या नियुक्ति पद धारण करता है, जिसमें वेतन की अदायगी की जाती है तो उन पर आयकर मानदण्ड लागू होंगे।
परिवार, जैसा कि ऊपर वर्णन किया गया है, का सदस्य किसी सेना में सैकेंड लैफ्टिनेंट या इससे उच्च पद अथवा अर्द्घ सैनिक बलों में इसके समकक्ष पद पर नियुक्त नहीं होना चाहिए। हरियाणा पिछड़े वर्ग आयोग की सिफारिश के अनुसार आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए 10 प्रतिशत का आरक्षण वर्टिकल होगा, होरिजोंटल नहीं।
मंत्रिमंडल उप कमेटी का यह भी विचार है कि अन्य श्रेणियों के तहत आरक्षण प्राप्त लाभार्थी आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के रूप में 10 प्रतिशत आरक्षण में लाभ के पात्र नहीं होंगे।