चंडीगढ़ - उपभोक्ताओं की शिकायतों के शीघ्र निवारण के लिए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के परिचालन प्रकोष्ठ के सभी मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यकारी अभियंता तथा उपमंडल अधिकारी हर माह गांवों में खुले दरबार लगाएंगे।
निगम के प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि इन अधिकारियों को क्रमशः दो, चार, आठ, बारह दरबार आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। खुले दरबार के आयोजन की अग्रिम जानकारी स्थानीय मीडिया द्वारा देने को कहा गया है। निगम ने सभी जूनियर इंजीनियरों को भी हर माह कम से कम 20 गांवों का दौरा करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि खुले दरबारों में मीटर रीडिंग, गलत बिल, खराब मीटरों को बदलने आदि शिकायतों का तुरंत निवारण किया जाएगा ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध हों। कुण्डी कनैक्शनों को कम करने के लिए घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को मौके पर ही नए घरेलू कनैक्शन दिए जाएंगे। निगम ने दिसम्बर माह में 249 गांवों में दरबार लगाकर 3920 घरेलू कनैक्शन दिए थे।
प्रवक्ता के अनुसार उपभोक्ता संतुष्टि और घाटा कम करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए शहरों तथा गांवों में उपभोक्ता शिकायत निवारण प्रणाली को सुदृढ़ किया गया है। इसके अन्तर्गत बिजली आपूर्ति से सम्बंधित शिकायतों को रात दिन निपटाने के लिए अधिकारियों को किराए पर वाहन लेने के लिए अधिकृत किया गया है। निगम के क्षेत्राधिकार में शिकायतों को दूर करने का कार्य 2642 नियमित और अनुबंध के आधार पर रखे गए 910 कर्मचारियों को सौंपा गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि निगम के उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच के सदस्य हर माह सभी जिलों का दौरा कर लम्बित मामलों की सुनवाई कर रहे हैं और नई शिकायतें भी दर्ज कर रहे हैं। मंच के समक्ष बिलों, बिजली की वोल्टेज़, मीटर रीडिंग से सम्बंधित, बिजली के कनैक्शन काटने या जोड़ने, बिजली आपूर्ति में बाधा, बिजली न मिलना, कार्यकुशलता, सुरक्षा, विश्वसनीयता और हरियाणा बिजली विनियामक आयोग के निर्देशों का पालन न करने से सम्बंधित सभी मामले रखे जा सकते हैं। बहरहाल, बिजली अधिनियम की धारा 135 से 139 के अन्तर्गत बिजली की चोरी और बिजली का अनधिकृत प्रयोग आदि मामलों तथा धारा 161 के अन्तर्गत दुर्घटना और जांच से सम्बंधित शिकायतें मंच के सामने नहीं रखी जा सकेंगी।
मंच में शिकायत के निवारण के लिए जाने के इच्छुक उपभोक्ताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि उससे सम्बंधित कोेई मामला किसी अन्य न्यायालय में लम्बित नहीं है। शिकायत के साथ उपभोक्ता को मामले के पूरे विवरण का एक शपथ पत्र देना होगा। मंच उपभोक्ता से मामले के निपटारे तक कोई शुल्क नहीं लेगा और ऐसे सभी मामले निःशुल्क निपटाए जाएंगे।