चंडीगढ़ - हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी, पंचकूला के माध्यम से हरियाणा में पंजाबी भाषा, साहित्य एवं सांस्कृति के विकास के लिए पूरी तरह प्रयत्नशील है। इसी संदर्भ में हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी हर महीने हरियाणा के अलग अलग कालजो, स्कूलों एवं चौपालो में हरियाणा के प्रसिद्ध पंजाबी साहित्यकारों द्वारा कवि दरबार, कहानी दरबार, सेमीनार एवं बाल कवि दरबार व पंजाबी भाषा को बढ़ावा देने के लिए भाषण प्रतियोगिताएं करवा रही है जिससे हरियाणा सरकार की ओर से पंजाबी भाषा को दूसरा स्थान देने का लक्ष्य अकादमी द्वारा पूरी तरह प्राप्त हो रहा है।
इसी कड़ी में आज हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी द्वारा अम्बाला के सरकारी पोस्ट ग्रैजूऐट कालज के सभागार में एक भव्य पंजाबी सैमीनार आयोजित किया गया जिसमें हरियाणा का पंजाबी कहानी संसार, हरियाणा की पंजाबी कविता और हरियाणा की पंजाबी गज़ल के बारे में रतिया के डा. नायब सिंह मंडेर, अम्बाला के डा. सुर्दशन गासौ और डा. रतन सिंह ढिल्लों ने अपनी रचनाएं पढ़ी जिनमें हरियाणा के पंजाबी साहित्य के संदर्भ में विचार श्रोताओ के रू-ब-रू किये गये। हर पक्ष से वह राष्ट्रीय पंजाबी साहित्य से किसी भी तरह कम नहीं और यहां के लेखक पूरी निष्ठा से अपनी कलम के अंग-संग होकर साहित्य का सृजन कर रहे हैं।
अकादमी निदेशक सुखचैन भंडारी ने कहा कि हरियाणा सरकार पंजाबी भाषा और पंजाबी साहित्य को प्रफुल्लित करने में किसी भी तरह संकोच नहीं कर रही और सरकार की ओर से पंजाबी साहित्य के लिए बड़ा सहयोग रहा है।