चंडीगढ़ - हरियाणा की शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने आज असम राज्य के गुवाहाटी में केन्द्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड की उप समिति के सदस्यों के साथ विभिन्न स्कूलों का दौरा किया तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन को लेकर जानकारी हासिल की।
भुक्कल की अध्यक्षता वाली टीम ने स्कूलों में सतत एवं व्यापक मूल्यांकन प्रणाली को लेकर बच्चों, अध्यापकों तथा स्कूल प्रबंधन से बातचीत की। शिक्षा मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत कक्षा पहली से आठवीं तक निःशुल्क शिक्षा का प्रावधान किया है और अब प्राथमिक शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार बन गई है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार अधिनियम के तहत निःशुल्क शिक्षा का दायरा बढ़ाकर दसवीं एवं 12वीं कक्षा को शामिल करने पर विचार कर रही है।
उन्होंने ‘नो डिटेंशन’ पॉलिसी को लेकर भी बच्चों, अध्यापकों तथा अभिभावकों से प्रतिक्रिया ली। उल्लेखनीय है कि ‘नो डिटेंशन’ पॉलिसी के लागू होने से कक्षा पहली से आठवीं तक बच्चों को फेल नहीं किया जा रहा है तथा उनकी योग्यता का आकलन सतत एवं व्यापक मूल्यांकन प्रणाली के आधार पर किया जाता है।
कल भुक्कल अगरतला, त्रिपुरा के स्कूलों में केन्द्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड की उप समिति के सदस्यों के साथ विभिन्न स्कूलों का दौरा करेंगी।