चंडीगढ़ - हरियाणा के बिजली मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने ट्यूबवैल कनैक्शन जारी करने में कोताही बरतने के लिए उपमंडल अधिकारी को चार्जशीट जारी करने के आदेश दिये है।
बिजली मंत्री कैप्टन यादव आज यहां बिजली निगमों की एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
पानीपत निवासी नवीन कुमार द्वारा बिजली मंत्री को शिकायत दी गई थी कि उसके द्वारा वर्ष 2007 में ट्यूबवैल कनैक्शन के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया गया था और लगातार आग्रह करने के बावजूद कनैक्शन जारी नहीं किया गया। शिकायत पर कड़ा संज्ञान लेते हुए बिजली मंत्री कैप्टन यादव ने दोषी तत्कालीन उपमंडल अधिकारी (ऑपरेशन), इसराना को चार्जशीट करने के आदेश दिये।
पानीपत में बिजली बिलों की मौके पर भुगतान (सपॉट पेमेंट) प्रणाली की सराहना करते हुए बिजली मंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं के पास ऑनलाइन भुगतान का भी विकल्प होना चाहिए ताकि उन्हें बिजली बिलों की समय पर अदायगी के लिए परेशान न होना पड़े।
बैठक में बिजली बिलों की बकाया राशि की वसूली के लिए चलाये जा रहे अभियान की भी जानकारी दी गई और बताया गया कि इस अभियान के दौरान उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा अब तक लगभग 45 करोड़ रुपये की राशि वसूल की है। इस अभियान के दौरान बकायादार उपभोक्ता अपने गलत बिलों को ठीक करवा सकते है, जिसके लिए निगम के निदेशकों और मुख्य अभियन्ताओं को प्रत्येक सर्कल में वसूली पर निगरानी रखने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। बिजली मंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं को वसूली अभियान के प्रति जागरूक किया जाये ताकि अधिक से अधिक बकाया राशि की वसूली हो सके।
बैठक में निर्णय लिया गया कि निर्माण स्थलों एवं अस्थाई निवासी उपभोक्ताओं से सामान्य दरों पर बिजली बिलों की वसूली की जाये, जबकि मौजूदा समय में ऐसे उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ डेढ़ गुणा है। बिजली मंत्री ने कहा कि आमतौर पर ऐसे उपभोक्ता प्रवासी मजदूर या गरीब होते है, जो अधिक दरों पर बिजली बिलों की अदायगी नहीं कर सकते।
फरीदाबाद में बिजली बिलों से संबंधित शिकायतों पर बिजली मंत्री ने निर्देश दिये कि निगम के निदेशक द्वारा एक बैठक का आयोजन कर मामले की जांच की जाये ताकि उपभोक्ताओं की समस्या का शीघ्र समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि मीटर रीडर द्वारा बिजली की गलत ढंग से रीडि़ग करना एक गंभीर मामला है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाये।
इस अवसर पर बिजली उपभोकताओं की कुल 84 शिकायतों की समीक्षा की गई, जिसमें उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम की 29, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की 50 तथा विजिलेंस से संबंधित 8 शिकायतों शामिल थी। बैठक में मुख्य संसदीय सचिव विनोद भ्याना, बिजली निगमों के चेयरमैन तथा प्रबंधन निदेशक देवेन्द्र सिंह के अलावा कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।