चंडीगढ - हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय विभाग (समितियां) ने नगर निगम/ नगरपरिषद तथा नगरपालिका समितियों की सीमाओं के भीतर भवन एवं भूमि पर सम्पति कर की दर के वर्गीकरण की अधिसूचना जारी कर दी है।
इस सम्बंध में जानकारी देते हुए विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि नगर निगम/ नगरपरिषद तथा नगरपालिका समितियों का वर्गीकरण चार प्रवर्गों में किया गया है। ए-1 शहर में नगर निगम, गुडग़ांव तथा फरीदाबाद होंगे जबकि ए-2 शहरों में नगर निगम अम्बाला, पंचकूला, करनाल, पानीपत, रोहतक, हिसार तथा यमुनानगर आएंगे और बी शहर में सभी नगर परिषदें, सी शहर में सभी नगरपालिका समितियां शामिल होंगी।
उन्होंने बताया कि नगर परिषदों तथा नगरपालिका समितियों के लिए सम्पति कर में आवासीय सम्पत्तियां जैसेकि मकान के लिए भूत्तल पर सम्पति कर -
आवासीय सम्पत्तियां
क) मकान
1. 300 वर्ग गज तक आकार के प्लाट के मकानों पर बी शहरों के लिए 50 पैसे प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 0.40 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
2. 301 वर्ग गज से 500 वर्ग गज तक आकार के प्लाट के मकानों पर बी शहरों के लिए 2 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 1.60 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
3. 501 वर्ग गज से 1000 वर्ग गज तक आकार के प्लाट के मकानों पर बी शहरों के लिए 3 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 2.40 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
4. 1001 वर्ग गज से 2 एकड़ तक आकार के प्लाट के मकानों पर बी शहरों के लिए 3.50 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 2.80 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
5. 2 एकड़ से अधिक आकार के प्लाट के मकानों पर बी शहरों के लिए 5 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 4 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
अन्य मंजिलों पर सम्पति कर
मंजिलवार छूट प्रथम मंजिल पर 40 प्रतिशत, दूसरी मंजिल और उससे ऊपर पर 50 प्रतिशत, तहखाने के लिए 50 प्रतिशत की छूट होगी।
ख) फ्लैटस
1. 2000 वर्ग फुट तक कारपेट क्षेत्र के फ्लैटों पर बी शहरों के लिए 0.50 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 0.40 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति वर्ष;
2. 2001 वर्ग फुट से 5000 वर्ग फुट तक कारपेट क्षेत्र के फ्लैटों पर बी शहरों के लिए 0.60 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 0.48 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति वर्ष;
3. 5000 वर्ग फुट से अधिक तक कारपेट क्षेत्र के फ्लैटों पर बी शहरों के लिए 0.75 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 0.60 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति वर्ष;
सांझा सुविधाओं/भवनों के लिए कर विभिन्न उपयोगों के अधीन क्षेत्र के अनुसार संगणित किया जाएगा।
वाणिज्यिक सम्पत्तियां
क) दुकानें
भूत्तल पर सम्पति कर
1. 50 वर्ग गज तक प्लाट के आकार की दुकानों पर बी शहरों के लिए 12 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 9.60 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
2. 51 से 100 वर्ग गज तक प्लाट के आकार की दुकानों पर बी शहरों के लिए 18 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 14.40 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
3. 101 से 500 वर्ग गज तक प्लाट के आकार की दुकानों पर बी शहरों के लिए 24 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 19.20 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
4. 501 से 1000 वर्ग गज तक प्लाट के आकार की दुकानों पर बी शहरों के लिए 30 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 24 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
अन्य मंजिलों पर सम्पत्ति कर
मंजिलवार छूट प्रथम मंजिल पर 40 प्रतिशत, दूसरी मंजिल और उससे ऊपर पर 50 प्रतिशत, तहखाने के लिए 50 प्रतिशत की छूट, भूतल के लिए सम्पत्ति कर दर जो उपरोक्त क्रमांक 2आ(क)(1) से (4) पर दी गई है, में दी जाएगी यदि सम्पूर्ण भवन का स्वामित्व तथा कब्जा एक मालिक के पास है। यदि मंजिलें विभिन्न स्वामियों द्वारा स्वामित्वाधीन है तो प्रत्येक मंजिल के लिए सम्पत्ति कर भूतल के लिए यथा लागू दर पर संगणित किया जाएगा।
1. 1000 वर्ग गज से अधिक आकार की वाणिज्यिक सम्पत्तियों को वाणिज्यिक स्थान के रूप में निर्धारित किया जाएगा।
2. यदि वाणिज्यिक दुकान या उसके भाग को उसके भाग को किराये/पट्टïे पर दिया गया है, तो सम्पत्ति कर किराये पर दिये गये/पट्टïे पर दिये गये क्षेत्र के लिए उपरोक्त दरों का 1.25 गुणा होगा।
ख) वाणिज्यिक स्थान (शॉपिंग मॉलज/मल्टीप्लैक्सिज या वाणिज्यिक कार्यालय स्थान इत्यादि)
1. 1000 वर्ग फुट तक कारपेट क्षेत्र के वाणिज्यिक स्थानों पर बी शहरों के लिए 6 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 4.80 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति वर्ष;
2. 1000 वर्ग फुट से अधिक कारपेट क्षेत्र के वाणिज्यिक स्थानों पर बी शहरों के लिए 7.50 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 6 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति वर्ष;
यदि वाणिज्यिक स्थान या उसके भाग को किराये/पट्टïे पर दिया हुआ है, तो सम्पत्ति कर किराये पर दिये गये/पट्टïे पर दिये गये क्षेत्र के लिए उपरोक्त दरों का 1.25 गुणा होगा।
औद्योगिक सम्पत्तियां
1. 2500 वर्ग गज तक आकार के प्लाटों पर बी शहरों के लिए 2.50 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 2 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
2. 2501 वर्ग गज से 2 एकड़ तक के आकार के प्लाटों पर बी शहरों के लिए 3 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 2.40 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
3. 2 से 50 एकड़ तक के प्लाट पर प्रथम 2 एकड़ पर कर उपरोक्त क्रम संख्या इ(2) में दी गई दरों के अनुसार जमा दो एकड़ से अधिक प्लाट क्षेत्र के लिए बी शहरों के लिए 1 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 0.80 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष होगी;
4. 50 एकड़ से अधिक के आकार के प्लाट पर प्रथम 50 एकड़ पर कर उपरोक्त क्रम संख्या इ(3) में दी गई दरों के अनुसार जमा 50 एकड़ से अधिक प्लाट क्षेत्र के लिए बी शहरों के लिए 0.50 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 40 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष होगी;
संस्थागत सम्पत्तियां
क) संस्थागत-वाणिज्यिक :
1. 2500 वर्ग गज तक के आकार के प्लाट पर बी शहरों के लिए 6 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 4.80 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
2. 2501 वर्ग गज से 5000 वर्ग गज तक के आकार के प्लाट पर बी शहरों के लिए 9 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 7.20 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
3. 5000 वर्ग गज से अधिक के आकार के प्लाट पर बी शहरों के लिए 12 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 9.60 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
ख) संस्थागत - गैर वाणिज्यिक :
1. 2500 वर्ग गज तक के आकार के प्लाट पर बी शहरों के लिए 5 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 4 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
2. 2501 वर्ग गज से 5000 वर्ग गज तक के आकार के प्लाट पर बी शहरों के लिए 6 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 4.80 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
3. 5000 वर्ग गज से अधिक के आकार के प्लाट पर बी शहरों के लिए 7.50 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 6 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
ग) संस्थागत - शैक्षणिक संस्थाएं:
1. 1 एकड़ तक के आकार के प्लाट पर बी शहरों के लिए 5,000 रुपये प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 4000 रुपये प्रति वर्ष;
2. 1 एकड़ से अधिक 2.5 एकड़ तक के आकार के प्लाट पर बी शहरों के लिए 0.75 लाख रुपये प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 0.60 लाख रुपये प्रति वर्ष;
3. 2.5 एकड़ से अधिक 5 एकड़ तक के आकार के प्लाट पर बी शहरों के लिए 1.25 लाख रुपये प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 1 लाख रुपये प्रति वर्ष;
4. 5 एकड़ से अधिक आकार के प्लाट पर बी शहरों के लिए 2.50 लाख रुपये प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 2 लाख रुपये प्रति वर्ष;
क संस्थागत (वाणिज्यिक) सम्पत्ति में लाभ के लिए चलाई जा रही सभी संस्थाएं शामिल होंगी।
क संस्थागत (गैर-वाणिज्यिक) सम्पत्ति में सभी अनुसंधान संस्थाएं तथा बिना लाभ पर चलाई जा रही संस्थाएं शामिल होंगी।
क संस्थान का कोई भाग जो किराये पर हो अथवा अन्य वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए हो, तो संस्थागत (वाणिज्यिक) दरों पर कर अलग से प्रभारित किया जाएगा।
उ खाली भूमि
1) आवासीय तथा वाणिज्यिक सम्पत्तियों के लिए 100 वर्ग गज के आकार के खाली प्लाटों और 500 वर्ग गज तक के आकार के औद्योगिक/संस्थागत खाली प्लाटों को सम्पत्ति कर से छूट होगी।
2) 101 वर्ग गज से 500 वर्ग गज तक के आकार के प्लाट के खाली (रिहायशी) प्लाटों पर बी शहरों के लिए 0.25 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 0.20 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
3) 501 वर्ग गज तथा इससे ऊपर के आकार के प्लाट के खाली (रिहायशी) प्लाटों पर बी शहरों के लिए 0.50 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 40 पैसे प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
4) 101 वर्ग गज तथा इससे ऊपर के आकार के प्लाट के खाली (वाणिज्यिक) प्लाटों पर बी शहरों के लिए 2.50 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष तथा सी शहरों के लिए 2 पैसे प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
5) 501 वर्ग गज तथा इससे ऊपर के आकार के प्लाट के खाली (औद्योगिक संस्थागत) प्लाटों पर बी शहरों के लिए 1 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष तथा सी शहरों के लिए 80 पैसे प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
विशेष प्रवर्ग
1. निजी अस्पताल
क) 50 बिस्तरों तक क्रमश: बी तथा सी शहरों के लिए कारपेट क्षेत्रों पर वाणिज्यिक स्थानों की दर का 20 प्रतिशत।
ख) 51 से 100 बिस्तरों तक क्रमश: बी तथा सी शहरों के लिए कारपेट क्षेत्र पर वाणिज्यिक स्थानों की दर का 40 प्रतिशत।
ग) 100 बिस्तरों से अधिक क्रमश: बी तथा सी शहरों के लिए कारपेट क्षेत्र पर वाणिज्यिक स्थानों की दर का 60 प्रतिशत।
2. मैरिज पैलेस: क्रमश: बी तथा सी शहरों के लिए कारपेट क्षेत्र पर वाणिज्यिक स्थानों की दर का 50 प्रतिशत।
3. सिनेमा हाल:
क) स्टैण्ड एलोन: क्रमश: बी तथा सी शहरों के लिए कारपेट क्षेत्र पर वाणिज्यिक स्थानों की दर का 50 प्रतिशत।
ख) माल्ज तथा मल्टीप्लैक्सज में स्थित : क्रमश: बी तथा सी शहरों के लिए कारपेट क्षेत्र पर वाणिज्यिक स्थानों की दर का शत प्रतिशत।
4. बैंक्स : क्रमश: बी तथा सी शहरों के लिए कारपेट क्षेत्र पर वाणिज्यिक स्थान की दर का शत प्रतिशत।
5. स्टोरेज गोदाम:
क) 2500 वर्ग गज तक के आकार के प्लाट पर बी शहरों के लिए 3 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 2.40 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
ख) 2501 वर्ग गज से 1 एकड़ तक के आकार के प्लाट पर बी शहरों के लिए 4.50 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 3.60 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
ग) 1 एकड़ से अधिक के आकार के प्लाट पर बी शहरों के लिए 4.80 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 3.84 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
6. हरियाणा राज्य कृषि विपणन मण्डल (एच.एच.ए.एम.बी.) द्वारा अधिसूचित अनाज मण्डी/सब्जी मण्डी/टिम्बर मार्केट/सब-मार्केट यार्ड:
क) दुकानें- बी शहरों के लिए 1200 रुपये प्रति दुकान प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 960 रुपये प्रति दुकान प्रति वर्ष
ख) बूथस: बी शहरों के लिए 600 रुपये प्रति बूथस प्रति वर्ष
तथा सी शहरों के लिए 480 रुपये प्रति बूथस प्रति वर्ष
हरियाणा राज्य विपणन मण्डल की गैर अधिसूचित अनाज मण्डी, सब्जी मण्डी क्षेत्रों, टिम्बर क्षेत्रों के मामले में सम्पति कर, आवासीय, वाणिज्यि, स्टोरेज गोदाम पर दर उसके वास्तिविक प्रयोग पर निर्भर रहते हुए प्रभारित की जाएगी।
7. क्लब: क्रमश: बी तथा सी दोनों शहरों के लिए कारपेट क्षेत्र पर वाणिज्यिक स्थानों की दर का 50 प्रतिशत।
8. होटल:
क) तीन सितारा तक: क्रमश: बी तथा सी दोनों शहरों के लिए कारपेट क्षेत्र पर वाणिज्यिक स्थानों की दर का 75 प्रतिशत।
ख) तीन सितारा से अधिक: क्रमश: बी तथा सी दोनों शहरों के लिए कारपेट क्षेत्र पर वाणिज्यिक स्थानों की दर का 125 प्रतिशत।
9. अन्य संस्थाएं जैसे कि अकेले छात्रावास, पेईंग गेस्ट हाउस/अकोमोडेशन इत्यादि: क्रमश: बी तथा सी दोनों शहरों के लिए कारपेट क्षेत्र पर वाणिज्यिक स्थानों की दर का 50 प्रतिशत।
10. निजी कार्यालय भवन: क्रमश: बी तथा सी दोनों शहरों के लिए कारपेट क्षेत्र पर वाणिज्यिक स्थानों की दर का शत् प्रतिशत।
11. रेस्टोरेंट्स:
क) 1000 वर्ग फुट तक: क्रमश: बी तथा सी दोनों शहरों के लिए कारपेट क्षेत्र पर वाणिज्यिक स्थानों की दर का 75 प्रतिशत।
ख) 1000 वर्ग फुट से अधिक: क्रमश: बी तथा सी दोनों शहरों के लिए कारपेट क्षेत्र पर वाणिज्यिक स्थानों की दर का शत् प्रतिशत।
ए. संपत्ति कर - मिश्रित उपयोग संपत्तियां:
किसी संपत्ति के परिसरों के मिश्रित उपयोग की दशा में कर के दायित्व की गणना विभिन्न उपयोगों के अधीन क्षेत्र के अनुसार की जायेगी।
उन्होंने बताया कि नगर निगमों के लिए सम्पति कर में आवासीय सम्पत्तियां जैसेकि मकान के लिए भूत्तल पर सम्पति कर -
अ. आवासीय सम्पत्तियां
क) मकान
1. 300 वर्ग गज तक आकार के प्लाट के मकानों पर ए-1 शहरों के लिए 1 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 0.75 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
2. 301 वर्ग गज से 500 वर्ग गज तक आकार के प्लाट के मकानों पर ए-1 शहरों के लिए 4 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 3 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
3. 501 वर्ग गज से 1000 वर्ग गज तक आकार के प्लाट के मकानों पर ए-1 शहरों के लिए 6 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 4.50 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
4. 1001 वर्ग गज से 2 एकड़ तक आकार के प्लाट के मकानों पर ए-1 शहरों के लिए 7 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 5.25 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
4. 2 एकड़ से अधिक आकार के प्लाट के मकानों पर ए-1 शहरों के लिए 10 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 7.50 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
ख) फ्लैटस
1. 2000 वर्ग फुट तक कारपेट क्षेत्र के फ्लैटों पर ए-1 शहरों के लिए 1 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 0.75 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति वर्ष;
2. 2001 वर्ग फुट से 5000 वर्ग फुट तक कारपेट क्षेत्र के फ्लैटों पर ए-1 शहरों के लिए 1.20 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 0.90 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति वर्ष;
3. 5000 वर्ग फुट से अधिक तक कारपेट क्षेत्र के फ्लैटों पर ए-1 शहरों के लिए 1.50 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 1.125 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति वर्ष;
सांझा सुविधाओं/भवनों के लिए कर विभिन्न उपयोगों के अधीन क्षेत्र के अनुसार संगणित किया जाएगा।
वाणिज्यिक सम्पत्तियां
क) दुकानें
भूतल पर सम्पत्ति कर
1. 50 वर्ग गज तक प्लाट के आकार की दुकानों पर ए-1 शहरों के लिए 24 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 18 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
2. 51 से 100 वर्ग गज तक प्लाट के आकार की दुकानों पर ए-1 शहरों के लिए 36 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 27 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
3. 101 से 500 वर्ग गज तक प्लाट के आकार की दुकानों पर ए-1 शहरों के लिए 48 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 36 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
4. 501 से 1000 वर्ग गज तक प्लाट के आकार की दुकानों पर ए-1 शहरों के लिए 60 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 45 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
अन्य मंजिलों पर सम्पत्ति कर
मंजिलवार छूट प्रथम मंजिल पर 40 प्रतिशत, दूसरी मंजिल और उससे ऊपर पर 50 प्रतिशत, तहखाने के लिए 50 प्रतिशत की छूट, भूतल के लिए सम्पत्ति कर दर जो उपरोक्त क्रमांक 2आ(क)(1) से (4) पर दी गई है, में दी जाएगी यदि सम्पूर्ण भवन का स्वामित्व तथा कब्जा एक मालिक के पास है। यदि मंजिलें विभिन्न स्वामियों द्वारा स्वामित्वाधीन है तो प्रत्येक मंजिल के लिए सम्पत्ति कर भूतल के लिए यथा लागू दर पर संगणित किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त तहखाने जो केवल पार्किंग हेतु प्रयोग में लाए जाते हैं, को सम्पत्ति कर के उदग्रहण से छूट होगी।
1. 1000 वर्ग गज से अधिक आकार की वाणिज्यिक सम्पत्तियों को वाणिज्यिक स्थान के रूप में निर्धारित किया जाएगा।
2. यदि वाणिज्यिक दुकान या उसके भाग को उसके भाग को किराये/पट्टïे पर दिया गया है, तो सम्पत्ति कर किराये पर दिये गये/पट्टïे पर दिये गये क्षेत्र के लिए उपरोक्त दरों का 1.25 गुणा होगा।
ख) वाणिज्यिक स्थान (शॉपिंग मॉलज/मल्टीप्लैक्सिज या वाणिज्यिक कार्यालय स्थान इत्यादि)
1. 1000 वर्ग फुट तक कारपेट क्षेत्र के वाणिज्यिक स्थानों पर ए-1 शहरों के लिए 12 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 9 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति वर्ष;
2. 1000 वर्ग फुट से अधिक कारपेट क्षेत्र के वाणिज्यिक स्थानों पर ए-1 शहरों के लिए 15 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 11.25 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति वर्ष;
यदि वाणिज्यिक स्थान या उसके भाग को किराये/पट्टïे पर दिया हुआ है, तो सम्पत्ति कर किराये पर दिये गये/पट्टïे पर दिये गये क्षेत्र के लिए उपरोक्त दरों का 1.25 गुणा होगा।
औद्योगिक सम्पत्तियां
1. 2500 वर्ग गज तक आकार के प्लाटों पर ए-1 शहरों के लिए 5 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 3.75 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
2. 2501 वर्ग गज से 2 एकड़ तक के आकार के प्लाटों पर ए-1 शहरों के लिए 6 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 4.50 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
3. 2 से 50 एकड़ तक के प्लाट पर प्रथम 2 एकड़ पर कर उपरोक्त क्रम संख्या इ(2) में दी गई दरों के अनुसार जमा दो एकड़ से अधिक प्लाट क्षेत्र के लिए ए-1 शहरों के लिए 2 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 1.50 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष होगी;
4. 50 एकड़ से अधिक के आकार के प्लाट पर प्रथम 50 एकड़ पर कर उपरोक्त क्रम संख्या इ(3) में दी गई दरों के अनुसार जमा 50 एकड़ से अधिक प्लाट क्षेत्र के लिए ए-1 शहरों के लिए 1 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 0.75 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष होगी;
संस्थागत सम्पत्तियां
क) संस्थागत-वाणिज्यिक :
1. 2500 वर्ग गज तक के आकार के प्लाट पर ए-1 शहरों के लिए 12 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 9 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
2. 2501 वर्ग गज से 5000 वर्ग गज तक के आकार के प्लाट पर ए-1 शहरों के लिए 18 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 13.50 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
3. 5000 वर्ग गज से अधिक के आकार के प्लाट पर ए-1 शहरों के लिए 24 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 18 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
ख) संस्थागत - गैर वाणिज्यिक :
1. 2500 वर्ग गज तक के आकार के प्लाट पर ए-1 शहरों के लिए 10 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 7.50 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
2. 2501 वर्ग गज से 5000 वर्ग गज तक के आकार के प्लाट पर ए-1 शहरों के लिए 12 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 9 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
3. 5000 वर्ग गज से अधिक के आकार के प्लाट पर ए-1 शहरों के लिए 15 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 11.25 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
ग) संस्थागत - शैक्षणिक संस्थाएं:
1. 1 एकड़ तक के आकार के प्लाट पर ए-1 शहरों के लिए 10,000 रुपये प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 7500 रुपये प्रति वर्ष;
2. 1 एकड़ से अधिक 2.5 एकड़ तक के आकार के प्लाट पर ए-1 शहरों के लिए 1.50 लाख रुपये प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 1.125 लाख रुपये प्रति वर्ष;
3. 2.5 एकड़ से अधिक 5 एकड़ तक के आकार के प्लाट पर ए-1 शहरों के लिए 2.50 लाख रुपये प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 1.875 लाख रुपये प्रति वर्ष;
4. 5 एकड़ से अधिक आकार के प्लाट पर ए-1 शहरों के लिए 5 लाख रुपये प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 3.75 लाख रुपये प्रति वर्ष;
क संस्थागत (वाणिज्यिक) सम्पत्ति में लाभ के लिए चलाई जा रही सभी संस्थाएं शामिल होंगी।
क संस्थागत (गैर-वाणिज्यिक) सम्पत्ति में सभी अनुसंधान संस्थाएं तथा बिना लाभ पर चलाई जा रही संस्थाएं शामिल होंगी।
क संस्थान का कोई भाग जो किराये पर हो अथवा अन्य वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए हो, तो संस्थागत (वाणिज्यिक) दरों पर कर अलग से प्रभारित किया जाएगा।
उ. खाली भूमि
1) आवासीय तथा वाणिज्यिक सम्पत्तियों के लिए 100 वर्ग गज के आकार के खाली प्लाटों और 500 वर्ग गज तक के आकार के औद्योगिक/संस्थागत खाली प्लाटों को सम्पत्ति कर से छूट होगी।
2) 101 वर्ग गज से 500 वर्ग गज तक के आकार के प्लाट के खाली (रिहायशी) प्लाटों पर ए-1 शहरों के लिए 0.50 प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष तथा ए-2 शहरों के लिए 0.375 प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
3) 501 वर्ग गज तथा इससे ऊपर के आकार के प्लाट के खाली (रिहायशी) प्लाटों पर ए-1 शहरों के लिए 1 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 75 पैसे प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
4) 101 वर्ग गज तथा इससे ऊपर के आकार के प्लाट के खाली (वाणिज्यिक) प्लाटों पर ए-1 शहरों के लिए 5 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष तथा ए-2 शहरों के लिए 3.75 पैसे प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
5) 501 वर्ग गज तथा इससे ऊपर के आकार के प्लाट के खाली (औद्योगिक संस्थागत) प्लाटों पर ए-1 शहरों के लिए 2 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष तथा ए-2 शहरों के लिए 1.50 पैसे प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
ऊ. विशेष प्रवर्ग
1. निजी अस्पताल
क) 50 बिस्तरों तक क्रमश: ए-1 तथा ए-2 शहरों के लिए कारपेट क्षेत्रों पर वाणिज्यिक स्थानों की दर का 20 प्रतिशत।
ख) 51 से 100 बिस्तरों तक क्रमश: ए-1 तथा ए-2 शहरों के लिए कारपेट क्षेत्र पर वाणिज्यिक स्थानों की दर का 40 प्रतिशत।
ग) 100 बिस्तरों से अधिक क्रमश: ए-1 तथा ए-2 शहरों के लिए कारपेट क्षेत्र पर वाणिज्यिक स्थानों की दर का 60 प्रतिशत।
2. मैरिज पैलेस: क्रमश: ए-1 तथा ए-2 शहरों के लिए कारपेट क्षेत्र पर वाणिज्यिक स्थानों की दर का 50 प्रतिशत।
3. सिनेमा हाल:
क) स्टैण्ड एलोन: क्रमश: ए-1 तथा ए-2 शहरों के लिए कारपेट क्षेत्र पर वाणिज्यिक स्थानों की दर का 50 प्रतिशत।
ख) माल्ज तथा मल्टीप्लैक्सज में स्थित : क्रमश: ए-1 तथा ए-2 शहरों के लिए कारपेट क्षेत्र पर वाणिज्यिक स्थानों की दर का शत प्रतिशत।
4. बैंक्स : क्रमश: ए-1 तथा ए-2 शहरों के लिए कारपेट क्षेत्र पर वाणिज्यिक स्थान की दर का शत प्रतिशत।
5. स्टोरेज गोदाम:
क) 2500 वर्ग गज तक के आकार के प्लाट पर ए-1 शहरों के लिए 6 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 4.50 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
ख) 2501 वर्ग गज से 1 एकड़ तक के आकार के प्लाट पर ए-1 शहरों के लिए 9 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 6.75 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष;
ग) 1 एकड़ से अधिक के आकार के प्लाट पर ए-1 शहरों के लिए 9.60 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 7.20 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष
6. हरियाणा राज्य कृषि विपणन मण्डल (एच.एच.ए.एम.बी.) द्वारा अधिसूचित अनाज मण्डी/सब्जी मण्डी/टिम्बर मार्केट/सब-मार्केट यार्ड:
क) दुकानें- ए-1 शहरों के लिए 2400 रुपये प्रति दुकान प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 1800 रुपये प्रति दुकान प्रति वर्ष
ख) बूथस: ए-1 शहरों के लिए 2400 रुपये प्रति बूथस प्रति वर्ष
तथा ए-2 शहरों के लिए 900 रुपये प्रति बूथस प्रति वर्ष
हरियाणा राज्य विपणन मण्डल की गैर अधिसूचित अनाज मण्डी, सब्जी मण्डी क्षेत्रों, टिम्बर क्षेत्रों के मामले में सम्पति कर, आवासीय, वाणिज्यि, स्टोरेज गोदाम पर दर उसके वास्तिविक प्रयोग पर निर्भर रहते हुए प्रभारित की जाएगी।
7. क्लब: क्रमश: ए-1 तथा ए-2 दोनों शहरों के लिए कारपेट क्षेत्र पर वाणिज्यिक स्थानों की दर का 50 प्रतिशत।
8. होटल:
क) तीन सितारा तक: क्रमश: ए-1 तथा ए-2 दोनों शहरों के लिए कारपेट क्षेत्र पर वाणिज्यिक स्थानों की दर का 75 प्रतिशत।
ख) तीन सितारा से अधिक: क्रमश: ए-1 तथा ए-2 दोनों शहरों के लिए कारपेट क्षेत्र पर वाणिज्यिक स्थानों की दर का 125 प्रतिशत।
9. अन्य संस्थाएं जैसे कि अकेले छात्रावास, पेईंग गेस्ट हाउस/अकोमोडेशन इत्यादि: क्रमश: ए-1 तथा ए-2 दोनों शहरों के लिए कारपेट क्षेत्र पर वाणिज्यिक स्थानों की दर का 50 प्रतिशत।
10. निजी कार्यालय भवन: क्रमश: ए-1 तथा ए-2 दोनों शहरों के लिए कारपेट क्षेत्र पर वाणिज्यिक स्थानों की दर का शत् प्रतिशत।
11. रेस्टोरेंट्स:
क) 1000 वर्ग फुट तक: क्रमश: ए-1 तथा ए-2 दोनों शहरों के लिए कारपेट क्षेत्र पर वाणिज्यिक स्थानों की दर का 75 प्रतिशत।
ख) 1000 वर्ग फुट से अधिक: क्रमश: ए-1 तथा ए-2 दोनों शहरों के लिए कारपेट क्षेत्र पर वाणिज्यिक स्थानों की दर का शत् प्रतिशत।
ए. संपत्ति कर - मिश्रित उपयोग संपत्तियां:
किसी संपत्ति के परिसरों के मिश्रित उपयोग की दशा में कर के दायित्व की गणना विभिन्न उपयोगों के अधीन क्षेत्र के अनुसार की जायेगी।
3. छूट:
1) धार्मिक संपत्तियों, अनाथालयों, भिक्षुक गृहों, नगर पालिका भवनों, शमशान घाटों/कब्रिस्तानों, धर्मशालाओं, केन्द्रीय तथा राज्य सरकार के शिक्षण संस्थानों/सरकारी अस्पतालों पर शत् प्रतिशत छूट दी जायेगी।
2) सेवारत सैनिकों/अर्ध सैनिक बल के कार्मिक तथा भूतपूर्व सैनिकों / अर्ध सैनिकों अथवा उसके/उसके पति-पत्नी, मृतक सैनिकों/ भूतपूर्व सैनिकों /भूतपूर्व केन्द्रीय अर्ध सैनिक बल के कार्मिक के परिवारों के 300 वर्ग गज तक के स्वामित्व वाले आवासीय मकानों को शत प्रतिशत छूट दी जायेगी यदि वे हरियाणा राज्य में कोई अन्य रिहायशी मकान न रखते हो तथा इसमें स्वयं निवास कर रहे हो तथा मकान का कोई भाग किराये पर नहीं दे रखा हो। यह और कि मकान पर देने की शर्त उन पर लागू नहीं होगी, जो प्रतिमास 1275 रुपये या कम पेंशन प्राप्त कर रहे हैं।
3. स्वतंत्रता सेनानी अथवा उसके / उसके पति-पत्नी तथा युद्ध विधवाओं के स्वामित्व में स्वयं रहने वाले आवासीय मकानों पर शत प्रतिशत छूट दी जायेगी यदि वे हरियाणा राज्य में कोई अन्य रिहायशी मकान नहीं रखते हो तथा इसमें स्वयं निवास कर रहे हो तथा मकान का कोई भाग किराये पर नहीं दे रखा हो।
4. बागवानी /कृषि प्रयोजनों के लिए प्रयुक्त एक एकड़ तथा अधिक के खाली प्लाट को शत प्रतिशत छूट दी जायेगी।
5. राज्य सरकार के भवनों (बोर्ड/निगम/उपक्रम/स्वायत्त निकायों के भवनों से भिन्न) को 50 प्रतिशत छूट दी जायेगी।
परंतु स्वामी उपरोक्त छूट में से किसी एक छूट का चयन कर सकता है, जो उसके अनुज्ञेय हो।
4. सामान्य:
1. कराधान तथा दरों की नई प्रणाली वित्त वर्ष 2010-11 से आगे इस शर्त सहित लागू होगी कि अधिसूचना से पूर्व अवधि के लिए संपत्ति मालिक को नई अथवा पुरानी नीति जो भी उन द्वारा चुनी जाती है, के अनुसार भुगतान करने का विकल्प होगा।
2. 30 प्रतिशत की एकमुश्त छूट उन संपत्ति मालिकों को अनुज्ञात की जायेगी जो अपने सभी देय / बकाया संपत्ति कर (वर्ष 2012-13 तक) दरों की अधिसूचना के 45 दिनों के भीतर अदा कर देते हैं।
3. जिन्होंने कर पहले से जमा करवा दिया है, तो अधिक राशि, यदि कोई हो, को भविष्य में संपत्ति कर दायित्व के विरुद्ध बिना ब्याज के समायोजित किया जायेगा।
4. 10 प्रतिशत की छूट उन निर्धारितियों को अनुज्ञेय होगी जो उस कर निर्धारण वर्ष की 31 जुलाई तक निर्धारण वर्ष के लिए अपने कुल कर का भुगतान करेंगे। वर्ष 2013-14 हेतु, 10 प्रतिशत की छूट उन निर्धारितियों को अनुज्ञेय होगी जो देय कर इस अधिसूचना के प्रकाश की तिथि के 30 दिन के अंदर जमा करवायेंगे।
5. मस्जिदों, मंदिरों, गिरजाघरों तथा गुरूद्वारों सहित धार्मिक संपत्तियों से जुड़े सभी भवनों तथा भूमियों को संपत्ति कर से छूट दी जायेगी:
परंतु वे समुदाय को बिना किसी प्रभार के व्यापक सेवाएं प्रदान कर रहे है और समस्त आय केवल धार्मिक कार्यों हेतु लगाई जा रही है / प्रयोग की जा रही है:
परंतु यह और कि ऐसी संस्थाएं अपनी आय निजी धार्मिक प्रयोजनों या किसी विशेष जाति अथवा वर्ग के लाभ के लिए प्रयोग में नहीं लाती है। यदि ऐसी संपत्ति का कोई भाग धार्मिक प्रयोजन के भिन्न किसी अन्य प्रयोजन के लिए प्रयुक्त किया जाता है, तो संपत्ति का वह भाग सामान्य लागू दर पर संपत्ति कर की अदायगी के लिए उत्तरदायी होगा।
6. पूर्व वर्षों के लंबित बकायों /देयों /विवादों जिसमें न्यायालय मामले शामिल हैं, जिनके संबंध में नोटिस/बिल जारी किये गये हो अथवा नहीं, संपत्ति मालिक को प्रचलित प्रणाली के अनुसार कर का भुगतान करने का विकल्प होगा और उसका भुगतान सभी ऐसे विवादों / देयों /बकायों का निपटान माना जायेगा। कोई भी ब्याज अथवा शास्ति उद्गृहित नहीं की जायेगी।
5. शास्तियां:
क) गलत घोषणा की दशा में, कर अपवचन की राशि के समकक्ष शास्ति उद्गृहित की जायेगी:
ख) देरी से अदायगी की दशा में, 1.5 प्रतिशत प्रति मास की दर से ब्याज या उसका भाग प्रभारित किया जायेगा:
ग) गलत घोषणा का पता लगने की दशा में उपरोक्त (ख) पर निर्दिष्टï ब्याज भी उपरोक्त (क) पर निर्दिष्टï शास्ति के अतिरिक्त प्रभारित किया जायेगा:
घ) शास्तिक ब्याज प्रारंभिक दायित्व से अधिक नहीं होगा।