सुश्रुत जयंती पर एनआईए में निशुल्क बीएमडी जांच शिविर का आयोजन
शिविर में 150 से ज्यादा लोगों ने कराई बीएमडी जांच, चिकित्सकों ने खान-पान और जीवनशैली बदलने की दी सलाह
पंचकूला, 15 जुलाई - राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए) में शल्य चिकित्सक आचार्य सुश्रुत जयंती पर निशुल्क बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 150 से अधिक लोगों की हड्डियों की मजबूती की जांच कर उन्हें ऑस्टियोपोरोसिस और हड्डियों से जुड़ी अन्य समस्याओं के प्रति जागरूक किया गया।
आयुष मंत्रालय भारत सरकार के तत्वाधान में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा तथा डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी की मार्गदर्शन में आयोजित स्वास्थ्य शिविर का उद्देश्य आमजन को हड्डियों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। इसी कड़ी में संस्थान के डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व, प्रोफेसर प्रह्लाद रघु और डीएमएस डॉ. गौरव गर्ग ने शल्य चिकित्सक आचार्य सुश्रुत के चित्र पर पुष्प अर्पित और दीप प्रज्वलन के साथ शिविर का शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि कहा कि बदलती जीवनशैली, पोषण की कमी और बढ़ती उम्र के कारण हड्डियों से संबंधित रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। समय पर बोन मिनरल डेंसिटी की जांच कर ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान की जा सकती है, जिससे समय रहते उपचार संभव हो पाता है। उन्होंने लोगों से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने, संतुलित आहार लेने, पर्याप्त कैल्शियम और विटामिन-डी का सेवन करने तथा नियमित व्यायाम अपनाने का आह्वान किया।
डीएमएस डॉ. गौरव गर्ग ने कहा कि बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) जांच हड्डियों की गुणवत्ता और मजबूती का आकलन करने का प्रभावी माध्यम है। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान समय-समय पर ऐसे निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर आमजन को रोगों की रोकथाम और स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रहा है।
शल्य तंत्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दुष्यंत परमार की देखरेख में 150 से ज्यादा लोगों की जांच की गई और हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए खान-पान, योग, व्यायाम और आयुर्वेदिक जीवनशैली अपनाने की सलाह दी गई।