पंचकूला 24 जून: हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, पंचकूला ने साहित्य सम्मान समारोह आयोजित किया। हरियाणा के अलग-अलग जिलों से आए 65 पंजाबी, हिंदी और हरियाणवी साहित्यकारों को मुख्य अतिथि हरविंदर कल्याण, माननीय स्पीकर, हरियाणा विधानसभा, श्री घनश्याम दास अरोड़ा, MLA, यमुनानगर, विशेष अतिथि, कार्यकारी उप-चेयरमैन डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री, सदस्य सचिव, श्री मनजीत सिंह, सरदार हरपाल सिंह चीका, डायरेक्टर, पंजाबी विभाग, डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी, डायरेक्टर, हिंदी और हरियाणवी विभाग, डॉ. सी.डी.एस. कौशल, संस्कृत विभाग तथा डॉ. चंद्र त्रिखा, डायरेक्टर, उर्दू विभाग ने सर्टिफिकेट और शॉल देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथी के तौर पर शामिल हुए हरियाणा विधानसभा स्पीकर श्री हरविंदर कल्याण ने अपने भाषण में लेखकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विद्वानों से समाज को बहुत कुछ सीखने को मिलता है, और व्यवस्था को फायदा होता है। समाज का फ़र्ज़ है, हर नागरिक का फ़र्ज़ है और सरकारों का भी फ़र्ज़ है कि लेखकों को न सिर्फ़ पहचान मिले बल्कि उन्होंने कड़ी मेहनत और तपस्या से जो सम्मान कमाया है, वह उन्हें मिलता रहे और समाज को प्रेरणा मिलती रहे ताकि समाज में गंभीरता पैदा हो। प्रधानमंत्री के विकसित राष्ट्र के सपने को पूरा करने में सरकार के साथ-साथ लेखकों की भूमिका भी उतनी ही अहम है। राज्य के लेखकों को सम्मान देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि सरकार साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, "मैं खुशकिस्मत हूं कि मुझे जीवन साथी के रूप में भी एक लेखक का साथ मिला है।"
इस मौके पर यमुनानगर के विधायक श्री घनश्याम अरोड़ा, जो विशेश अतिथि के तौर पर मौजूद थे, ने कहा कि लेखक अपनी लेखनी के ज़रिए सामाजिक बुराइयों और विसंगतियों को सामने लाकर समाज को एक नई दिशा दे सकते हैं। इस मौके पर उन्होंने राज्य के अलग-अलग ज़िलों से आए 65 लेखकों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। पुस्तक पुरस्कार और कहानी प्रतियोगिता पुरस्कार के विजेता हैं: दर्शन सिंह-कुरुक्षेत्र, डॉ. इंदु गुप्ता-फरीदाबाद, चरण पुआधी-कैथल, दविंदर मोहन-अंबाला शहर, डॉ. कुलविंदर सिंह-कुरुक्षेत्र, निर्मल सिंह नौकवाल-पिंजौर, संतोख सिंह अंबालवी-अंबाला शहर, जसबीर सिंह साहनी, रूपिंदर कौर-कैथल, त्रिलोचन मीर-कैथल, रघुबीर सिंह बाजवा-सिरसा, करमजीत दियोण-ऐलनाबाद, डॉ. बलवान औजला-अंबाला कैंट, डॉ. सुरिंदर सिंह-कैथल, गुरप्रीत कौर सैनी-हिसार, गुरप्रीत कौर-अंबाला शहर, डॉ. सोनिया-अंबाला कैंट, मीना नवीन-अंबाला कैंट, अनुपिंदर सिंह अनूप-पानीपत, डॉ. सर्वजीत कौर-कुरुक्षेत्र, नीर-गुरुग्राम, बलविंदर कौर खुराना-गुरुग्राम, अनिल कुमार-कैथल, डॉ. कुलविंदर सिंह-फतियाबाद, डॉ. इंदु गुप्ता-फरीदाबाद, दर्शन सिंह-कुरुक्षेत्र, वीर सिंह थिंद-सिरसा, गुरिंदर सिंह-कुरुक्षेत्र, विनोद पंकज-पंचकूला, पविंदर कुमार-रानीयां, ऊषा रानी-पंचकूला, डॉ. परगट सिंह जठोल-झज्जर, अनिल कुमार-कैथल, जतिंदर मोहन-सिरसा, पंकज शर्मा-अंबाला शहर, लाजपत राय गर्ग-पंचकूला शामिल हैं।
पंजाबी विभाग के निदेशक स. हरपाल सिंह गिल ने कहा कि अगले चरण में हरियाणा पंजाबी गौरव पुरस्कार, महाकवि भाई संतोख सिंह पुरस्कार, बाबा शेख फरीद पुरस्कार, संत तरन सिंह वहमी पुरस्कार, कवि हरभजन सिंह रैनू पुरस्कार, बीबी जागीर कौर संधू महिला पुरस्कार, हरि सिंह दिलबर मेमोरियल राष्ट्रीय पुरस्कार, पंजाबी पत्रकारिता पुरस्कार और रागी/ढाडी/लोक गायक पुरस्कार से सम्मानित साहित्यकारों को सम्मानित करने के लिए जल्द ही समय निर्धारित किया जा रहा है। अकादमी के मेंबर सेक्रेटरी मनजीत सिंह ने आए सभी मेहमानों और लेखकों का धन्यवाद किया।