पंचकूला। विश्व संवाद केंद्र हरियाणा तथा हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी द्वारा आयोजित संगोष्ठी में आज इस बातपर बल दिया गया कि पत्रकारिता जटिल को एक सरल बना देने की कला है। पत्रकारिता का मूल सरल,स्पष्ट और सरस होनाही है। नारद जयंती के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में विश्व संवाद केंद्र के सचिव राजेश कुमार ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रताआंदोलन में पत्रकारों की अहम भूमिका रही और स्व का भाव जागृत किया।
उन्होंने कहा कि उस समय पत्रकारिता का मुख्यउद्देश्य जनजागरण था। देश के कई महान स्वतंत्रता सेनानियों ने समाचार पत्र और पत्रिकाएं निकाल लोगों में देश भक्ति कीभावना को जगाया। वे संयुक्त तत्वाधान में आयोजित नारद जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित पत्रकारिता क्षेत्र से जुड़े बंधु भगिनीसंगोष्ठी में संबोधित कर रहे थे।
समाज परिवर्तन में मीडिया की भूमिका विषय पर आयोजित इस संगोष्ठी में उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में पत्रकारिता केचरित्र के बारे में उल्लेख किया कि उस पत्रकारों में देश भक्ति जज्बा था।उन्होंने कहा कि आज देश के प्रत्येक नागरिक कोभाषा,भूषा,भोजन,भ्रमण और भवन यह स्वदेशी होने चाहिये।उन्होंने कहा कि जो नौजवान समाज परिवर्तन करना चाहता है,वहया तो राजनीति को चुनता है या पत्रकार बनता है। उन्होंने कहा कि लिखे हुए का प्रभाव तब अधिक होता है,जब कथनी औरकरनी एक जैसी हो।उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में आज विश्वास की कमी आई है।
उन्होंने देवर्षि नारद जी का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी संचार नीति थी कि वह सही समय पर हस्तक्षेप करते थे,जिससेघटनाक्रम लोकहित बदल जाता था।उन्होंने कहा कि देवर्षि नारद की पत्रकारिता पर अगर गौर किया जाये तो दुष्प्रचार काजवाब दुष्प्रचार करके नहीं दिया जा सकता। उन्होंने पंच परिवर्तन पर भी विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा किनागरिक कर्तव्य,पर्यावरण सरंक्षण, जल संरक्षण,स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग के साथ हमें कम से कम खर्च में जीवन व्यतीतकरने की आदत में बनानी होगी।
कार्यक्रम के मुख्यातिथि केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के प्रो. डा.जेपी सिंह ने कहा कि देवर्षि नारद के संचारी मूल्यसार्वकालिक हैं,इसलिए उनकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। समाज परिवर्तन के लिए उनके संचारी मूल्यों को उपयोग कीजाने की जरूरत बढ़ गई है। रणनीतिक रुप से भी देवर्षि नारद के मूल्यों पर काम करने की आवश्यकता है। उनकी संचारीकला की एक बड़ी विशेषता थी कि वे जटिल संदेशों को भी सरल और रोचक ढंग से जनता के समक्ष रखते थे।
अपनी सत्यनिष्ठा के कारण ही उनकी प्रतिष्ठा सभी पक्षों में होती थी और वह प्रत्येक घटनाक्रम को सकारात्मक दिशा में मोड़ने के लियेआवश्यक पहल करते थे। कार्यक्रम में मंच संचालन वरिष्ठ पत्रकार हरेश वाशिष्ठ ने किया। इस अवसर पर हाईब्रिड वारफेयर के विशेषज्ञ कर्नल जयवंस सिंह सहित विभिन्न देश के प्रमुख प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों सहितविभिन्न पत्रकार संगठनों के पदाधिकारी तथा शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।