चण्डीगढ़ - हरियाणा वन विभाग द्वारा वन्य प्राणियों के संरक्षण व संवद्र्धन के प्रति लोगों में जागरूकता लाने तथा वन्य प्राणियों के प्रति लगाव पैदा करने के उद्देश्य से प्रदेश में 4 अक्तूबर से वन्य प्राणी सुरक्षा सप्ताह मनाया जायेगा।
इस संबंध में जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि विभाग द्वारा 4 अक्तूबर को छछरौली के गांव लेदी में एक राज्य स्तरीय वन्य प्राणी सुरक्षा समारोह का आयोजन किया जायेगा। इस समारोह में केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कुमारी सैलजा मुख्य अतिथि होंगी, जबकि वन एवं पर्यावरण मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव समारोह की अध्यक्षता करेंगे। समारोह में मुख्य संसदीय सचिव प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा तथा हरियाणा विधानसभा उपाध्यक्ष अकरम खान विशिष्ट अतिथि होंगे।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में लोगों को वन्य प्राणियों के बारे जानकारी देने एवं उनके प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के लिए तीन चिडिय़ाघर एवं एक डियर पार्क स्थापित किये गये है। इसके अलावा, राज्य में दो राष्ट्रीय उद्यान, 8 वन्य प्राणी विहार तथा दो संरक्षण आरक्षित क्षेत्र स्थापित किए गये है।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा विलुप्त होती वन्य प्रजातियों के संरक्षण तथा संवर्धन की दिशा में भी ठोस कदम उठाये गये है। जिला रेवाड़ी में स्थित झाबुआ आरक्षित वन क्षेत्र में 'मोर एवं चिंकारा प्रजनन केन्द्र की स्थापना की गई है। यह केन्द्र 80 एकड़ भूमि में फैला हुआ है। इस केन्द्र पर बीस वर्षों में लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। इसी तरह गिद्धों की घटती हुई संख्या को रोकने के लिए तथा उनकी जनसंख्या को बढ़ाने के लिए भारत का पहला 'गिद्ध संरक्षण एवं प्रजनन केन्द्र पिंजौर में स्थापित किया गया है। मोरनी स्थित 'फिजैंट प्रजनन केन्द्र में लाल जंगली मुर्गा प्रजाति का सफलापूर्वक प्रजनन करवाया जा रहा है। भिवानी के कैरू गांव स्थित 'चिंकारा प्रजनन केन्द्र तथा भौर सैयदां में मगरमच्छ प्रजनन केन्द्र स्थापित किया गया है।
उन्होंने बताया कि लोगों में वन्य प्राणियों के प्रति लगाव पैदा करने तथा लोगों की वन्य प्राणियों के संरक्षण व संवद्र्धन में भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य में 'पशु-पक्षी गोद लेने की योजना भी शुरू की गई है। इस योजना के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति राज्य में स्थित चिडिय़ाघरों व हिरण पार्कों में रखे गये किसी भी वन्य प्राणी को एक निश्चित राशि देकर निर्धारित समय तक गोद ले सकता है। यह राशि अलग-अलग पशुओं व पक्षियों के लिए अलग-अलग निर्धारित की गई है। गोद लेने वाले व्यक्ति का नाम संबंधित चिडिय़ाघर व हिरण पार्क के बोर्ड पर लिखा जाता है और उसे तथा उसके परिवार के सदस्यों को किसी भी चिडिय़ाघर व हिरण पार्क में वर्ष में 12 बार नि:शुल्क प्रवेश दिया जाता है।