चण्डीगढ़ - वरिष्ठ नागरिकों ने अपने जीवन के सबसे सृजनात्मक पलों को राष्ट्र्र निर्माण में लगाया है और आज भी देश व समाज को उनके लंबे अनुभव से सीखने व मार्गदर्शन प्राप्त करने की जरूरत है। उन्हीं की मेहनत से हम दुनिया में सशक्त राष्ट्र व बड़ी शक्ति के रूप में उभरे हैं।
हरियाणा के राज्यपाल श्री जगन्नाथ पहाडि़या ने आज वरिष्ठ नागरिक दिवस के पर चण्डीगढ सीनियर सिटीजन एसोसिएशन द्वारा टैगोर थियेटर में आयोजित एक समारोह में बोलते हुए यह विचार व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि आज का दिन वरिष्ठ नागरिकों द्वारा देश व समाज के लिए जीवनभर किए गए योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है। हमारे देश में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या हर साल बढती जा रही है। वर्ष 2001 में भारत में वरिष्ठ नागरिकों की सख्ंया 7 करोड़ 2 लाख थी जो कुल आबादी का 8 प्रतिशत थी। वर्ष 2025 में यह संख्या 18 प्रतिशत से भी अधिक हो जाने की सम्भावना है। अतः अभी से हमें वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष योजनाएं तैयार करनी चाहिएं ताकि जिन्दगी के अंतिम पड़ाव पर वे स्वयं को उपेक्षित महसूस न करें।
राज्यपाल ने कहा कि सेवानिवृत व्यक्ति व्यापक अनुभवों, गहरी सूझ-बूझ और उदार विचारों का खजाना होता है। यही नहीं ज्यादातर सेवानिवृत व्यक्ति शारीरिक रूप से स्वस्थ भी होते हैं और उनकी उर्जा देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान करने की स्थिति में होती है। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से अनुरोध किया कि वे अपने समय का सही उपयोग करने के लिए समाज सेवा के लिए आगे आएं क्योंकि जो लोग समाज सेवा करते हैं जिंदगी से उन्हें अच्छी संतुष्टि भी मिलती है।
राज्यपाल ने चण्डीगढ़ सीनियर सिटीजन एसोसिएशन के कार्याें की सराहना की। उन्होंने इस संगठन द्वारा चलाए जा रहे फिजियोथैरेपी, एक्यूप्रैशर, कम्प्यूटर, रैकी व योग केन्द्रों के माध्यम से हो रही समाज सेवा को कारगर व दूसरों के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि गरीब और अशिक्षित लोगों को भी एसोसिएशन से जोड़ा जाए क्योंकि वे साधनहीन हैं और उन्हें मदद की जरूरत ज्यादा है। इस अवसर पर उन्होंने चण्डीगढ़ सीनियर सिटीजन एसोसिएशन की स्मारिका का विमोचन किया और एसोसिएशन की ओर से वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न पुरस्कारों से नवाजा।