चंडीगढ़, 09 अप्रैल 2026 - सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा आज सेक्टर-25 स्थित ऑब्जर्वेशन होम, स्पेशल होम तथा प्लेस ऑफ सेफ्टी (बालक) का राज्य स्तरीय निरीक्षण किया गया, जहां विधि से संघर्षरत बच्चों को रखा जाता है।
यह निरीक्षण डॉ. Palika Arora (डॉ. पालिका अरोड़ा), निदेशक, महिला एवं बाल विकास की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। निरीक्षण दल में श्री Rajneesh Kumar (श्री रजनीश कुमार), सदस्य, चंडीगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग; डॉ. Satinder Kaur Sachdeva (डॉ. सतिंदर कौर सचदेवा), सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड; सुश्री Bisman Ahuja (सुश्री बिस्मन आहूजा), प्रोग्राम मैनेजर, स्टेट एडॉप्शन रिसोर्स एजेंसी; डॉ. Vineeta Arora (डॉ. विनीता अरोड़ा), सदस्य, बाल कल्याण समिति; तथा डॉ. Devina Singh (डॉ. देविना सिंह), शिशु रोग विशेषज्ञ, स्वास्थ्य सेवाएं विभाग, चंडीगढ़ शामिल रहे।
समिति ने संस्थान में रखे गए अभिलेखों का विस्तृत निरीक्षण किया, जिसमें बच्चों की केस फाइलें एवं काउंसलिंग रजिस्टर शामिल थे। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बच्चों को पौष्टिक भोजन, आयु-उपयुक्त मनोरंजक गतिविधियां प्रदान की जा रही हैं तथा वे शैक्षणिक कक्षाओं में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। सभी बच्चों का औपचारिक एवं अनौपचारिक शिक्षा प्रणाली में नामांकन सुनिश्चित किया गया है।
संस्थान द्वारा बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य का भी समुचित ध्यान रखा जा रहा है, जिसके तहत स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के मनोवैज्ञानिकों एवं चिकित्सकों द्वारा नियमित दौरे किए जाते हैं।
निरीक्षण के दौरान निदेशक महोदया ने संस्थान में चल रहे व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों—जैसे इलेक्ट्रिकल, कंप्यूटर एवं मोबाइल रिपेयरिंग—के अतिरिक्त आईटीआई पाठ्यक्रम प्रारंभ करने का प्रस्ताव भी रखा, ताकि बच्चों को अधिक रोजगारोन्मुख कौशल प्रदान कर उनके भविष्य को सुदृढ़ किया जा सके।
चंडीगढ़ प्रशासन बच्चों के लिए सुरक्षित, संवेदनशील एवं पुनर्वासोन्मुख वातावरण सुनिश्चित करने तथा उनके समग्र विकास के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।