चंडीगढ़ -हरियाणा पुलिस छात्र-छात्राओं को साइबर के बारे में जानकारी देने के लिए रोहतक रेंज में चार फरवरी से नौ फरवरी तक देश के मशहूर साइबर विशेषज्ञ डा. रक्शीत टंडन से ट्रेनिंग दिलवाई जाएगी। पांच दिन चलने वाले इस अभियान में रोजाना चार स्कूलों के छात्र-छात्राएं भाग लेंगे।
यह जानकारी देते हुए रोहतक रेंज के पुलिस महानिरीक्षक आलोक मित्तल ने अपने कार्यालय में रोहतक के 25 स्कूलों के प्राचार्यों के साथ बैठक में दी । उन्होंने बताया कि आज के दौर में साइबर के बारे में जानकारी होना सबसे जरुरी है, क्योंकि आज का समय कंप्यूटर व इन्टरनेट का है। इंटरनेट के बारे में संपूर्ण जानकारी न होने के कारण छात्र-छात्राएं गुमराह हो जाते हैं। बच्चों में इंटरनेट की कुछ खास किस्म की साईट्स की तरफ तेजी से आकर्षित होना आज अवश्य ही खतरे का संकेत दे रहा है। मां-बाप आज बच्चे की परवरिश पर उतना ध्यान नहीं दे पा रहे जितना पहले था ,इसलिए इन तकनीकी विधियों का उपयोग प्रत्येक घर में बढ़ रहा है और बच्चों की सोच पूर्ण विकसित और विस्तृत ना होने के कारण वो उसी बात को सच मान बैठता है जो उसे सोशल साइट्स के द्वारा प्राप्त हुई है। इन सब का प्रभाव उसकी मानसिकता के विकास में एक अहम् रोल निभाता है।॒
श्री मित्तल ने कहा कि आज छोटे से छोटा बच्चा जिसे अपने विषयों का चाहे संपूर्ण ज्ञान ना हो कंप्यूटर प्रणाली के बारे में भली भांति जानता है। इस प्रकार से इन सभी सोशल मीडिया के साधनों का उत्तरदायित्व और अधिक बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि आज का समय और पुराने वक्त में आधुनिकीकरण का जो अन्तर आया है वह कुछ मायनों में जहां बहुत फायदेमंद है, वहीं इसके विपरीत प्रभाव भी छिपे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व जिसकी रीढ़ युवा वर्ग है, पूरी तरह से इन पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि आज प्रिन्ट मीडिया की अपेक्षा लोग फेस बुक, टवीटर जैसी सोशल साइटों को जानकारी आदान-प्रदान करने का माध्यम बनाने लगे हैं। कंप्यूटर क्रान्ति पिछले लगभग 25 से 30 वर्ष से आई है। आज प्रत्येक प्रकार का ज्ञान इन्टरनेट पर आसानी से उपलब्ध हो और चिट्ठियों का जमाना जैसे पुराना हो चुका है।॒
आईजी ने कहा कि यह एक ज्वलंत विषय है क्योंकि आज हमारे बच्चे इसी माध्यम का उपयोग करके स्वयं को इसके अनुसार ढ़ालने की प्रक्रिया में लगे हैं। परन्तु विचारणीय यह है कि जो जानकारी इन साइट्स पर उपलब्ध है वह पूर्णतया सत्य है, उस पर गहन अध्ययन हुआ है। साईबर अपराध आज जिस तेजी से बढ़ रहे हैं वो इसी तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। बैठक में पुलिस अधीक्षक विवेक शर्मा, पुलिस उपाधीक्षक धारण यादव व आईजी कार्यालय के वेलफेयर निरीक्षक वीरेंद्र सिंह मौजूद रहे।