चंडीगढ - हरियाणा पुलिस ने देर सांय सोनीपत जिले के बहालगढ रोड स्थित गांव जाट जोशी के निकट रोहतक की चिनौट कालोनी निवासी रमन व रोहतक शहर की ही श्रीनगर कालोनी निवासी सुनील की गोलियाँ मारकर दोनो की एक साथ हत्या कर देने की घटना का तीन दिन के अन्दर ही पर्दा उठाते हुये घटना के दो मुख्य अपराधियों को जीन्द से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के समय इनसे दो चक्र गोलियाँ भी बरामद हुई है। गिरफ्तार अपराधी नरवाना रोड जीन्द का रहने वाला गगनदीप सिंह पुत्र भूपेन्द्र सिंह व दूसरा सन्त नगर, पटियाला चौक, जीन्द का ही रहने वाला दिनेश पुत्र कृष्ण है।
इस सम्बन्ध में हरियाणा पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि 26 वर्षीय रमन रैडीमैड कपड़ों का कार्य करता था जबकि इसका मित्र सुनील पुत्र प्रताप सिंह प्रोपर्टी का कार्य करता था। सुनील के साथ मिलकर रमन भी थोडा बहुत प्रोपर्टी का कार्य कर लेता था। वीरवार के दिन रमन अपने घर वालों को यह कह कर घर से निकला था कि वह अपने मित्र सुनील के साथ कुछ कार्य से बाहर जा रहा है। इसके उपरान्त ये दोनो मित्र घर न लौटे, जिनकी किन्ही अज्ञात अपराधियों ने बहालगढ के निकट गोली मार कर हत्याएं कर दी है। इस घटना का मृतक रमन के पिता दर्शन लाल सहगल के कथनानुसार थाना राई में शस्त्र अधिनियम व भारतीय दण्ड संहिता के अन्तर्गत अभियोग दर्ज किया गया।
इस घटना के उपरान्त अपराधियों को खोज निकालने के लिये अलग-अलग पांच विशेष टीमे गठित की गई। अपने दायित्व को भली-भांति निभाते हुये आखिरकार पुलिस ने दोनों अपराधियों को जीन्द से खोज निकाल कर धर दबोचा।
प्रारम्भिक पूछताछ पर गिरफ्तार अपराधियों ने अपने किये अपराध को स्वीकार कर लिया है। दौराने पूछताछ इस डब्बल हत्या प्रकरण का राज खोलते हुये सुनील व रमन ने गिरफ्तार अपराधी गगनदीप व दिनेश से सम्पर्क करके उन्हे बताया कि उन्होने एक फौजी से 10 लाख रूपये में हिरोईन खरीदने का सौदा किया है, जिसकी कीमत दो से अढाई करोड रूपये है। जिसे मुम्बई में बेचकर वे माला-माल हो सकते है। इस सौदे के अनुसार पाँच लाख रूपये गगनदीप व दिनेश ने देने थे व पाँच लाख रूपये सुनील व रमन ने देने की बात स्वीकारी। इस करार के अनुसार गगनदीप व दिनेश एक बैग में कुछ कपडे, सफेद कागजों के बण्डल व बैंग में ही एक अवैध माऊजर रखकर सुनील व रमन के पास रोहतक आ गये। इसी मध्य रास्ते में रमन व सुनील ने इन्हे बताया कि इन्होने भी पाँच लाख रूपये रख लिया है। इन्होने कागज के बण्डलों पर एक तरफ पाँच सौ रूपये का नोट व दूसरी तरफ एक हजार रूपये का नोट लगा दिया।इसके उपरान्त चारों एक कार में सवार होकर सोनीपत पहुँच गये। कार को सुनील चला रहा था और जब ये बहालगढ रोड स्थित गांव जाट जोशी के निकट पहँुचे तो रमन के यह कहने पर कि वह फौजी से बात करता है। गाडी को रूकवा कर नीचे उतर गया। इसी मध्य दिनेश भी कार से नीचे उतर गया। इसी मध्य दोनों ने रूपयों के लालच में आकर गगनदीप ने चालक सीट पर बैठे सुनील की गोली मारकर हत्या कर दी। इसी मध्य दिनेश ने रमन की भी गोली मार कर हत्या कर दी और इसके उपरान्त ये दोनो बैग में रखे बण्डलों को लेकर मौका से फरार हो गये। दौराने पुछताछ यह तथ्य भी सामने आया है कि मृतक सुनील ने जिस विनोद फौजी से हिरोईन का सौदा किया था से कुछ समय पूर्व 2 लाख रूपये ब्याज पर लिये थे। इसलिये मृतक सुनील व रमन की भी यह योजना थी कि ये दोनो गगनदीप व दिनेश के पांच लाख रूपयो को हडप लेंगे ओर इनमें से दो लाख रूपये विनोद फौजी को देकर बाकी तीन लाख को सुनील व रमन आपस में बांट लेगे। इसके अतिरिक्त यह तथ्य भी सामने आया है कि सुनील की एक महिला मित्र भी है, जिस पर इसने काफी धन खर्च किया है। मौका से बरामद आई टन कार भी सुनील की ही बताई गई है।
फिलहाल गिरफ्तार अपराधियों को आज न्यायालय से पुलिस रिमाण्ड पर लिया गया है ताकि इनसे और व्यापक पूछताछ करने के साथ-साथ घटना में प्रयुक्त हथियार को बरामद करने के अतिरिक्त घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों को एकत्रित किया जा सके।