शिमला - हिमाचल प्रदेश में सभी क्रियाशील (फंक्शनल पोस्ट) पद अगले दो से तीन महीनों में भर दी जाएगी। ये घोषणा मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आज प्रदेश विधानसभा में गैर सरकारी सदस्य कार्यदिवस के तहत विधायक आशा कुमारी द्वारा लाए गए एक संकल्प के जवाब में कही। मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि प्रदेश में आबादी के हिसाब से कर्मचारियों की संख्या अन्य पहाड़ी राज्यों की तुलना में काफी अधिक है। ऐसे में विभिन्न विभागों, निगमों और बोर्डों में कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए कर्मचारियों का युक्तिकरण किया जाएगा ताकि सभी इलाकों में कर्मचारियों को एक समान रूप से तैनात किया जा सके। मुख्यमंत्री के जवाब से संतुष्ट आशा कुमारी ने बाद में अपना संकल्प वापिस ले लिया।
इससे पूर्व संकल्प पेश करते हुए आशा कुमारी ने कहा कि इस समय प्रदेश के विभिन्न बोर्डों, निगमों और विभागों में 30 हजार से अधिक पद खाली पड़े हैं। उन्होंने शिक्षा स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय व अधिकारिता, लोक निर्माण, सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य और ग्रामीण विकास विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों में क्रियाशील पदों को भरने के लिए तुरंत नीति बनाए जाने की मांग की।
विधानसभा उपाध्यक्ष जगत सिंह नेगी ने क्रियाशील पदों को भरने के लिए समय सीमा निर्धारित करने का सुझाव दिया। विधायक इंद्र सिंह ने शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए हर पंचायत में दो-दो आदर्श स्कूल खोलने और प्राइमरी शिक्षा में सुधार का सुझाव दिया। विधायक जयराम ठाकुर ने प्रदेश में नए स्कूल खोलने पर पाबंदी लगाने और गुणात्मक शिक्षा पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने ये भी कहा कि उनके चुनाव क्षेत्र सिराज में छह महीने से बीडीओ का पद खाली पड़ा है।