चंडीगढ़ - हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने आज घोषणा की कि ‘हरियाणा प्रतिभा सम्मान समारोह’ में अखिल भारतीय सिविल सेवा परीक्षाओं के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया जायेगा।
यह घोषणा हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने आज हरियाणा राजभवन में अखिल भारतीय सिविल सेवा परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के सम्मान में आयोजित ‘हरियाणा प्रतिभा सम्मान समारोह’ में की। उन्होंने कहा कि अब से इस समारोह का आयोजन प्रतिवर्ष किया जायेगा।
इस अवसर पर राज्यपाल जगन्नाथ पहाडि़या तथा मुख्यमंत्री हुड्डा ने वर्ष 2009 से वर्ष 2012 के दौरान अखिल भारतीय सिविल सेवाओं तथा ग्रुप-ए एवं बी सेवाओं के लिए उत्तीर्ण करने वाले प्रदेश के 197 प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया। समारोह में भारतीय वन सेवा, भारतीय प्रशासनिक सेवा तथा भारतीय पुलिस सेवा के लिए उत्तीर्ण करने वालों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये तथा ग्रुप-ए एवं बी सेवाओं के लिए उत्तीर्ण होने वाले उम्मीदवारों को 75,000-75,000 रुपये की पुरस्कार राशि तथा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
हुड्डा ने कहा कि हरियाणा की जनसंख्या देश की कुल जनसंख्या का केवल 2 प्रतिशत है लेकिन वर्ष 2012 की अखिल भारतीय सिविल सेवाओं प्रदेश के 7 प्रतिशत अर्थात 67 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की है, जिसमें से 17 विद्यार्थियों ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के लिए उत्तीर्ण किया है, जो गौरव की बात है। इसी तरह खेलों के क्षेत्र में प्रदेश के खिलाडि़यों ने हरियाणा को गौरवान्वित किया। दिल्ली के राष्ट्रमंडल खेलों में कुल 38 स्वर्ण पदकों में प्रदेश के खिलाडि़यों 22 स्वर्ण जीते। भारतीय सैनिक अकादमी (आईएमए) की परीक्षा में 650 विद्यार्थियों में से हरियाणा के 60 विद्यार्थियों ने सफलता अर्जित की, जोकि 10 प्रतिशत रहा। उन्होंने कहा कि आजादी में भी हरियाणा के लोगों का बड़ा योगदान रहा। आज देश की सशस्त्र सेवाओं में हर दसवां सैनिक हरियाणा से संबंध रखता है, जो बड़े गर्व की बात है।
अखिल भारतीय सिविल सेवाओं में हरियाणा के विद्यार्थियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2008 में जहां प्रदेश के 24 विद्यार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की थी, वहीं वर्ष 2009 में 27, वर्ष 2010 में 46, वर्ष 2011 में 57 तथा वर्ष 2012 में 67 विद्यार्थियों ने यह परीक्षा उत्तीर्ण की है। इसके अलावा, इन परीक्षाओं की रैंकिंग में शीर्ष दस में हरियाणा के तीन विद्यार्थी थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्या को मान्यता एवं सम्मान देना राज्य सरकार का कर्तव्य है। राज्य सरकार ने जिस तरह खिलाडि़यों को सम्मानित किया है, उसी प्रकार राज्य सरकार आईआईएम, आईएमए जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के विद्यार्थियों को सम्मानित करेगी।
अखिल भारतीय सिविल सेवा में आने वाले विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए हुड्डा ने कहा कि इन परीक्षाओं में हरियाणा का उत्साहजनक प्रदर्शन विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत का नतीजा है। इसके अलावा, उच्चतर शिक्षा विभाग के अधिकारी भी बधाई के पात्र है। उन्होंने कहा कि भारतीय सिविल सेवाओं में आने वाले युवा अपने एक नये अध्याय की शुरूआत करने जा रहे है, जहां उनका लक्ष्य जनसेवा तथा देश सेवा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन सेवाओं में आने वाले विद्यार्थी अलग-अलग राज्यों में अपनी सेवाएं देंगे और अपनी एक अलग पहचान बनायेंगे।
हरियाणा के राज्यपाल जगन्नाथ पहाडि़या ने कहा कि हरियाणा के युवाओं ने शिक्षा, खेलों के साथ-साथ जीवन के सब क्षेत्रों में अपनी योग्यता का लोहा मनवाया है। उन्होंने कहा कि आईएएस परीक्षा की उत्तीर्ण सूची में प्रदेश के विद्यार्थियों की संख्या नाममात्र थी, अब हर साल 40 से भी अधिक पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विद्यार्थी इन परीक्षाओं को उत्तीर्ण ही नहीं करते, बल्कि अव्वल स्थान पर भी आते है। वर्ष 2011 में हरियाणा से स्नेहा अग्रवाल ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश को गौरवान्वित किया था।
सम्मान पाने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में हरियाणा एक शिक्षा हब के रूप में स्थापित हो रहा है। प्रदेश में विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़कर 35 हो गई है तथा राज्य में सब आधुनिक तथा परम्परागत संकायों और विषयों के शिक्षण-प्रशिक्षण के लिए उच्चकोटि के संस्थान खोले गये है। आज प्रदेश के युवा आईएएस हीं नहीं, चिकित्सा विज्ञान, इंजीनियरिंग, व्यवसाय प्रबंधन, कंप्यूटर विज्ञान जैसे क्षेत्रों में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी आगे है।
शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने कहा कि मुख्यमंत्री हुड्डा के नेतृत्व में हरियाणा ने बुलंदिया को छुआ है। प्रतिभावान खिलाड़ी हो या विद्यार्थी, सरकार ने उन्हें सम्मानित करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक बच्चे को शिक्षा का अधिकार मिला है। हर क्षेत्र और वर्ग के बच्चे अखिल भारतीय सिविल सेवा परीक्षाओं में आगे आ रहे है। भुक्कल ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षां में इन परीक्षाओं में हरियाणा के बच्चों की भागीदारी और बढ़ेगी। उन्होंने सिविल सेवाओं में आने वाले युवाओं से समर्पित भाव से लोगों की सेवा करने का आह्वान किया।
समारोह को हरियाणा उच्चतर शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव एस एस प्रसाद ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर श्रम एवं रोजगार मंत्री शिवचरण लाल शर्मा, मुख्यमंत्री के राजनैतिक सलाहकार प्रो वीरेन्द्र, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव छतर सिंह, अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ के के खण्डेलवाल तथा सूचना, जनसंपर्क एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के महानिदेशक सुधीर राजपाल भी उपस्थित थे।