शिमला- हिमाचल प्रदेश में 67वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर राज्य, जि़ला और उप-मंडल स्तर पर समारोह आयोजित किए गए। पुलिस, होम गार्ड, एनसीसी, स्काउटस एण्ड गाईड्स की टुकडिय़ों द्वारा मार्चपास्ट और रंगारंग सांस्कतिक कार्यक्रम इन समारोहों का प्रमुख आकर्षण बने। पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे लोगों ने भारी संख्या में समारोह स्थलों पर पहुंचकर स्वतंत्रता दिवस समारोह का आनंद लिया।
राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह मण्डी के ऐतिहासिक पड्डल मैदान में आयोजित किया गया जहां मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और पुलिस, होम गार्ड और एनसीसी की टुकडिय़ों द्वारा प्रस्तुत की गई आकर्षक मार्चपास्ट की सलामी ली। डी$एस$पी$ श्री कुलभूषण वर्मा ने परेड का नेतृत्व किया।
मुख्यमंत्री ने इससे पूर्व मंडी स्थित प्रसिद्घ टारना माता मंदिर जाकर पूजा अर्चना की और प्रदेश के लोगों की समृद्घि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने मंडी के सेरी मंच के समीप गांधी चौक पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्घाजंलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने इस पावन अवसर पर लोगों विशेषकर हिमाचल प्रदेश के लोगों को बधाई दी। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले देशभक्तों और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्घांजलि देते हुए सभी लोगों से मुश्किल से हासिल की गई स्वतंत्रता और देश की एकता एवं अखंडता को बनाए रखने का आह्वान किया।
घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि दक्षता उन्नयन योजना सरकार की महत्वकांक्षी योजना है। उन्होंने इस योजना से अधिक से अधिक युवाओं को लाभान्वित करने के उददेश्य से आयु सीमा के दायरे को पूर्व के 25 से 35 वर्ष से बदलकर 18 से 35 वर्ष करने की घोषणा की। उन्होंने शैक्षणिक योग्यता को भी 10 जमा दो से घटाकर 10वीं करने की घोषण की। उन्होंने योजना में पंजीकरण की प्रक्रिया को आसान बनाने की घोषण भी की। अब प्रार्थना पत्र की तिथि से 2 साल से पूर्व रोजगार कार्यालयों में नाम दर्ज करवाना आवश्यक नहीं होगा अपितु अब युवाओं को प्रार्थना पत्र देने की तिथि से ही रोजगार कार्यालयों में अपना नाम दर्ज करवाना होगा।
उन्होंने कहा कि अब इच्छुक युवाओं को मेजिस्ट्रेट द्वारा जारी रोजगार प्रमाण पत्र भरने स्थान पर अपने बेरोजगार होने के सम्बन्ध में शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि इन संशोधनों का उददेश्य अधिक से अधिक युवाओं को दक्षता स्तरोन्नयन का लाभ प्रदान करना है ताकि वे अपने पंसददीदा क्षेत्रों में दक्षता हासिल कर रोजगार प्राप्त कर सकें।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश सरकार के कर्मचारियों और पैंशनरों को तत्काल प्रभाव से आठ प्रतिशत अतिरिक्त मंहगाई भत्ता प्रदान करने की घोषणा की। इससे कर्मचारियों और पैंशनरों को 400 करोड़ रुपये के अतिरिक्त लाभ उपलब्ध होंगे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि स्वतंत्रता सैनानियों को अब 7500 रुपये प्रतिमाह के स्थान पर 10000 रुपये प्रतिमाह का बढ़ा हुआ मानदेय प्रदान किया जायेगा। इसी प्रकार पूर्व सैनिकों की विधवाओं और अविवाहित पुत्रियों को 3500 रुपये प्रतिमाह के स्थान पर 5000 रुपये प्रतिमाह प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष में पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को मानदेय के रूप में पांच करोड़ रुपये प्रदान किये जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मंडी सदर में उप तहसील कोटली को तहसील के रूप में स्तरोन्नत करने की घोषणा की। इससे लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी और उन्हें राजस्व कार्यों को सुगमता से करवाने की सुविधा मिलेगी।