चंडीगढ़ - हरियाणा में मजदूरों के न्यूनतम वेतन में 129.36 रुपये प्रतिमाह की बढ़ौतरी की घोषणा की गई है तथा यह बढ़ौतरी 1 जुलाई, 2013 से प्रभावी होगी।
श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री पंडित शिव चरण लाल शर्मा ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि न्यूनतम मजदूरी में वृद्घि करने से कारखानों, दुकानों, ढाबों, छोटे प्रतिष्ठानों तथा ईंट भट्ठों में कार्य कर रहे 11.5 लाख से अधिक श्रमिक लाभान्वित होंगे। लगभग 11,500 छोटे और बड़े कारखानों में लगभग 7.5 लाख मज़दूर और दुकानों, ढाबों तथा छोटे प्रतिष्ठानों में चार लाख लोग कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हर छः माह के बाद जनवरी तथा जुलाई में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की समीक्षा की जाती है और सूचकांक की घटत-बढ़त के हिसाब से न्यूनतम मज़दूरी तय की जाती है।
उन्होंने कहा कि राज्य में अकुशल मजदूरों को अब 5341.51 रुपये प्रतिमाह या 205.44 रुपये प्रतिदिन, अर्धकुशल (ए) को 5471.51 रुपये प्रतिमाह या 210.44 रुपये प्रतिदिन, अर्धकुशल (बी) को 5601.51 रुपये प्रतिमाह या 215.44 रुपये प्रतिदिन का न्यूनतम वेतन मिलेगा। इसीप्रकार, अब कुशल श्रमिकों (ए) को 5731.51 रुपये प्रतिमाह या 220.44 रुपये प्रतिदिन, कुशल (बी) को 5861.51 रुपये प्रतिमाह या 225.44 रुपये प्रतिदिन का न्यूनतम वेतन मिलेगा। उच्च कुशल श्रमिकों को अब 5991.51 रुपये प्रतिमाह और 230.44 प्रतिदिन का न्यूनतम वेतन मिलेगा। हरियाणा देश में सर्वाधिक मज़दूरी देने वाले राज्यों में से एक है।
मंत्री ने कहा कि ईंटभट्ठों पर काम कर रहे मजदूरों के न्यूनतम वेतन में भी बढ़ौतरी की गई है। पथेराईट के लिये लगे श्रमिकों को अब 304.35 रुपये दिये जायेंगे जबकि टाईल्स के लिए 342.40 रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जायेगा। भराई वाला (ए) तथा (बी) को प्रतिदिन क्रमशः 136.96 रुपये तथा 112.61 रुपये मिलेंगे। केरी वाला और निकासी वाला को प्रति एक हजार पर क्रमशः 24.34 रुपये और 100.43 रुपये दिये जायेंगे। चिनाई वाला और मिस्त्री को 5731.51 रुपये मासिक मिलेंगे।