धर्मशाला - कांगड़ा घाटी में पिछले 24 घंटे के दौरान भारी वर्षा व बादल फटने की दो घटनाओं में तीन लोगों को मौत हो गई और करोड़ों रुपये की सम्पति का नुकसान हुआ है। मरने वालों में जयसिंहपुर तहसील के नेत्रू गांव में दो लोग और जम्मू गांव में एक बच्चा शामिल है। इन तीनों व्यक्तियों की मौत मकान के मलबे के नीचे दब जाने के कारण हुई है।
बैजनाथ तहसील की मढ़हेड गांव में हुई बादल फटने की घटना में किसी की जान नहीं गई लेकिन इसमें करोड़ों रुपये की सरकारी व गैर-सरकारी सम्पति का नुकसान हुआ है। सरकार प्रभावित लोगों को राहत पंहुचा रही है।
बड़ी संख्या में पुलों व सड़कों तथा रिहायशी मकानों को नुक्सान पहुंचा है। हालांकि कि मुख्य मार्ग पठानकोट-धर्मशाला और शिमला-कांगड़ा पर यातायात सामान्य बना हुआ है। नगरोटा सूरियां से प्राप्त समाचार के अनुसार देर रात से हो रही मूसलाधार बरसात के कारण क्षेत्र का उपमण्डल ज्वाली तथा पठानकोट से सम्पर्क पूरी तरह से टूट गया है। देहरा ज्वाली राजमार्ग पर जरपाल और घाड़ जरोट के पास लहासे गिरने से बस सेवा आज प्रात: से ठप रही।
उधर गांव, कटोरा में भी एक पुलिया पूरी तरह से ध्वस्त हो गई तथा घाड़ जरोट में एक आरा मशीन में पानी घुस जाने से हजारों रुपये की इमारती लकड़ी पानी में बह गई है। पौंग झील की सहायक गज खड्ड, देहर खड्ड, बनेर खड्ड भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं जिसके चलते पौंग झील के जलस्तर में भारी वृद्घि होने की सूचना भी मिली हैं।