चण्डीगढ़ - हरियाणा सरकार ने 24 जनवरी को ग्राम,जिला एवं राज्य स्तर पर राष्ट्रीय बालिका दिवस को उचित रूप से मनाने का निर्णय लिया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की महानिदेशक श्रीमती सुमिता मिश्रा ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के सभी उपायुक्तों को इस समारोह के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के लिए एक लिखित संदेश भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर सभी सरकारी स्कूलों,ग्राम पंचायतों, साक्षर महिला समूहों एवं ग्राम स्तरीय कमेटियोंं द्वारा हर गांव में स्कूली बच्चों की प्रभात फेरियां आयोजित की जाएंगी। प्रभात फेरियों के दौरान बच्चे अपने हाथों में पट्टिकाएं पकड़े होंगे, जिन पर लिंग समानता के प्रति एवं कन्या भू्रण हत्या के विरूद्घ लोगों में जागरूकता उत्पन्न करने तथा लड़कियों की शिक्षा के महत्व बारे स्लोग्न लिखे होंगे। पंचायत, साक्षर महिला समूह एवं ग्राम स्तरीय कमेटियां भी इन प्रभात फेरियों में भाग लेंगी। सभी स्कूलों में राष्ट्रीय बालिका दिवस पर एक विशेष सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें हैड मास्टर, शिक्षक तथा विद्यार्थी उचित विषयों पर विशेष गीत एवं लघु नाटिकाएं प्रस्तुत कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार, जिला स्तर पर समारोह आयोजित किया जाएगा जिसमें उपायुक्त, स्थानीय सांसद या मंत्री मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम बालिकाओं के समक्ष आ रही चुनौतियों तथा विशेष रूप से बालिकाओं एवं आम तौर पर महिलाओं के लिए राज्य एवं केन्द्र सरकारों की विकासात्मक नीतियों को उजागर करेंगे।
उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित किए गए एक उचित मार्ग पर स्कूली बच्चों एवं युवाओं की एक रैली भी निकाली जाएगी। नेहरु युवा केन्द्र, राष्ट्रीय सेवा योजना एवं एनसीसी के स्वैच्छिक कार्यकत्ताओं तथा खेल एवं युवा मामले विभाग के खिलाडि़यों को भी इस रैली में शामिल किया जाएगा ताकि लोगों पर व्यापक प्रभाव पड़े। जिला प्रशासन रैली के प्रतिभागियों के लिए अल्पाहार की व्यवस्था करना भी सुनिश्चित करेगा।
श्रीमती मिश्रा ने कहा कि हर जिले में शिक्षा विभाग के सहयोग से लड़कों एवं लड़कियों, दोनों के स्कूलों में सातवीं से बाहरवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए ‘बालिकाओं का महत्व’ विषय पर हिन्दी एवं अंगे्रजी में स्लोग्न लिखने की प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला स्तरीय कार्यक्रम अधिकारी या उनके प्रतिनिधि, जिला शिक्षा अधिकारी या उसके प्रतिनिधि या जिला के स्कूलों या कॉलेजों से एक या दो भाषा शिक्षकों वाले एक निर्णायक मंडल द्वारा प्रतियोगिता की प्रविष्टियों का आकलन किया जाएगा। प्रथम तीन प्रविष्टियों को क्रमशः 1,000 रुपये, 700 रुपये और 300 रुपये दिए जाएंगे और पुरस्कार वितरण राष्ट्रीय बालिका दिवस के जिला स्तरीय कार्यक्रम का हिस्सा होगा। प्रत्येक जिले से प्रथम तीन प्रविष्टियों को मुख्यालय भेजा जाएगा जहां एक निर्णायक मंडल द्वारा राज्य स्तरीय तीन पुरस्कारों के लिए उनकी जांच की जाएगी और उन्हें क्रमशः 5,000 रुपये, 3,000 रुपये और 2,000 रुपये दिए जाएंगे। ये स्लोग्न भविष्य में सूचना एवं शिक्षा अभियानों का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेंगे।
उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा पहले ही एक योजना क्रियान्वित की जा रही है, जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित मैट्रिक की परीक्षा में अपने खण्ड में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाली लड़कियों को क्रमशः 2,000 रुपये, 1500 रुपये और 1,000 रुपये दिए जा रहे हैं। इन लड़कियों को जिला स्तरीय समारोह में भी सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए समेकित बाल विकास सेवा योजना प्रकोष्ठ के जिला स्तरीय कार्यक्रम अधिकारियों को पहले ही धन राशि आवंटित की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि उपायुक्तों को राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर ग्राम एवं जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित करने के लिए सम्बन्धित विभागों को आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश देने को कहा गया है। राष्ट्रीय बालिका दिवस से सम्बन्धित समारोहों के आयोजन के लिए धन राशि आवंटित की जा रही है। उन्हें विभाग को कार्यक्रमों की फोटो सहित रिपोर्ट भेजने को भी कहा गया है, जिन्हें विभाग द्वारा 4 फरवरी तक केन्द्र सरकार को भेजा जाएगा।
श्रीमती मिश्रा ने कहा कि राज्य स्तरीय समारोह 24 जनवरी को बाद दोपहर दो बजे राजकीय कन्या महाविद्यालय, सैक्टर-14, पंचकूला में आयोजित किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती गीता भुक्कल समारोह में मुख्य अतिथि होंगी तथा विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती धीरा खण्डेलवाल समारोह की अध्यक्षता करेेंगी।