चंडीगढ - ऑडर ऑफ दी ब्रिटिश इम्पायर के सदस्य डॉ0 सत्यव्रत शर्मा जो हरियाणा राज्य के हिसार के रहने वाले है और वे मेडिकल कॉलेज, रोहतक के पूर्व छात्र है, को ब्रिटिश मेडिकल एसोसिशन (बीएमए) द्वारा वॉल्वर हैम्प्टन व यूनाईटेड किंगडम में स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए फैलोशिप से सम्मानित किया गया है।
ब्रिटिश मेडिकल एसोसिएशन के वार्षिक सामान्य समारोह के दौरान 25 जून, 2013 को एडिनबर्ग में आयोजित समारोह में बीएमए के प्रैसिडेंट प्रोफेसर सर अरूलकुमारल सबरात्नम द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया। यूनाईटेड किंगडम की ब्रिटिश मेडिकल एसोसिएशन में लगभग 1.56 लाख डॉक्टरों की सदस्यता है और चयनित डॉक्टरों को प्रति वर्ष उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए फैलोशिप के मानद पुरस्कार प्रदान किये जाते है।
इससे पूर्व यूनाईटेड किंगडम की महारानी एलिजाबेथ-॥ ने उसको पहली मार्च, 2011 को क्विंनस बर्थ डे ऑनर्स के रूप में एमबीई का प्रतिष्ठित पुरस्कार भी दिया था।
उन्होंने अंगदान के क्षेत्र में ख्याति अर्जित की और उन्हें जातिय अल्पसंख्यकों में जागरूकता उत्पन्न करने के उनके प्रयासों के लिए भी जाना जाता है।
डॉ0 शर्मा ने 36 वर्षों तक यूनाईटेड किंगडम की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवाओं में सेवा प्रदान की। मार्च 2013 में उनकी सेवानिवृत्त से पूर्व वे 31 वर्षों तक सामान्य मेडिकल प्रैक्टिसनर रहे उन्होंने आठ वर्ष (2005-2013) तक यह वॉल्वरहैम्प्टन मेडिकल कमेटी के अध्यक्ष रहे और 9 वर्ष (2002-2011) तक बीएमए की सामान्य प्रैक्टिसनर समिति के सदस्य भी रहे।