चंडीगढ - हरियाणा पुलिस महानिदेशक श्रीनिवास वशिष्ठ ने बलात्कार और छेडछाड के आरोपी व्यक्तियों को 24 घंटे के भीतर-भीतर गिरफ्तार करने और मामलों का निपटारा 30 दिनों के अंदर-अंदर करने के निर्देश पुलिस अधिकारियों को दिए हैं।
वे आज यहां महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हरियाणा पुलिस को अधिक पेशेवर और संवेदनशील बनाने के मदेनजर हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा पुलिस के उच्च अधिकारियों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के अंतर्गत बातचीत कर रहे थे। महानिदेशक ने राज्य में मनाए जाने वाले गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के सभी स्थानों की चाकचौबंद सुरक्षा के लिए जिला अधिकारियों को निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी से बच रहे कई अपराधी काफी लंबे समय से घूम रहे हैं उन पर भी नकेल कसी जाए। इन आवारा अपराधियों को कम से कम समय में गिरफ्तार करने के लिए निर्देश दिए गए। पुलिस ने पिछले दो महीनों में बड़ी संख्या में खतरनाक अपराधियों को गिरफ्तार किया है जिनमें एप्पल शोरूम की लूट के गिरोह और बैंक डकैती में शामिल अपराधियों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया है।
उन्होंने कहा कि रेंज के आईजी और जिला के प्रवर पुलिस अधीक्षक रैंक के वरिष्ठ अधिकारी को जांच की करीब से निगरानी रखनी चाहिए। उन्होंने यह बताया कि वर्ष 2012 के दौरान बलात्कार और छेडछाड के अंतर्गत दर्ज लगभग सभी मामलों का निपटारा कर दिया गया है। जिला महेन्द्रगढ़ और यमुनानगर में वर्ष 2012 में दर्ज बलात्कार और छेड़छाड़ का एक भी मामला लम्बित नहीं है। करनाल रेंज के छेड़छाड़ के सभी मामलों का निपटारा कर दिया गया और ऐसा कोई भी मामला लम्बित नहीं है।
इस वीडियो कान्फ्रेंसिंग का केन्द्र महिलाओं के विरूद्घ अपराध था। क्षेत्रीय अधिकारी 15 दिनों से अधिक की जांच के प्रत्येक बलात्कार, छेडछाड और संवेदनशील मामले की जानकारी पुलिस महानिदेशक को देंगे। वीडियो कान्फे्रंसिंग में महिलाओं की आम सुरक्षा, विशेषतौर पर सार्वजनिक परिवहन को लेकर चर्चा की गई। यह पाया गया है कि ज्यादातर संवेदनशील मामले हाल ही में सार्वजनिक परिवहन के दौरान हुए हैं। हरियाणा के तीन जिलों हिसार, पंचकूला और यमुनानगर में एक सर्वेक्षण किया गया जिसमें चालकों और कंडक्टरों को सार्वजनिक यातायात प्रणाली के तहत जागरूक स्तर जांचा गया। चालकों और कंडक्टरों को उनके वाहनों के प्रति सुरक्षा व जागरूक करने के लिए विशेष प्रयास किया गया है।
पूरे राज्य में महिलाओं के लिए हैल्पलाईन नंबर 1091 शुरू किया गया है। इस संबंध में राज्य में एक जागरूक अभियान भी शुरू किया गया ताकि महिलाओं को इस बारे में जागरूक किया जा सके। महिला पीसीआर और महिला राईडर शैक्षणिक संस्थाओं, कोचिंग केन्द्रों, विश्वविद्यालय प्रांगणों में लगातार दौरे कर विद्यार्थियों को इस संबंध में जानकारी दे रही हैं। समय-समय पर स्थानीय समाचार पत्रों और केवल नेटवर्क के माध्यम से संदेश भी दिये गए हैं। परिवहन विभाग को आग्रह किया गया है कि वे अपने परिवहन वाहन में महिलाओं के लिए शुरू किए गए हैल्पलाईन नंबर को लिखें। इस संदेश को पहुंचाने के लिए आटो यूनियनों, टैक्सी यूनियनों और प्राईवेट बस यूनियनों के साथ भी बैठकें की गई हैं। इस हैल्पलाईन नंबर को राज्य की महिलाएं बडे पर प्रयोग करना शुरू कर दिया है। इस हैल्पलाईन के प्रयोग होने के बाद समय पर जानकारी मिलने से कई सफल कहानियां बनी हैं।
इस वीडियो कान्फ्रेंसिंग में आम जनता के विश्वास को जीतने के लिए अपराध की पहचान के लिए चर्चा की गई। कान्फ्रेंसिंग में जांच को समय पर समाप्त करने और जनता की समस्याओं के तुरंत निवारण के लिए जोर दिया गया। राज्य में मनाए जाने वाले गणतंत्र दिवस की सुरक्षा को लेकर भी समीक्षा की गई।
इस वीडियो कान्फ्रेंसिंग में सभी पुलिस आयुक्त, रेंज के पुलिस महानिरीक्षक, जिला पुलिस अधीक्षक, राजकीय रेलवे पुलिस अधिकारी और पुलिस मुख्यालय में तैनात वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।