चण्डीगढ़ - शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण फैसलें में प्रदेश के सभी गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को मान्यता की शर्तें पूरी करने के लिए एक साल का समय दे दिया है। इससे पहले हरियाणा सरकार ने हरियाणा में बिना अनुमति और मान्यता के चल रहे 1372 स्कूलों को बंद करने के आदेश दिए थे। इस फैसले से प्रदेश के 1372 स्कूलों के साथ-साथ मान्यता के लिए आवेदन न कर सके स्कूलों को भी राहत मिलेगी। इस फैसले से इन स्कूलों में पढ़ाई करने वाले 12 लाख विद्यार्थी के साथ इन स्कूलों में कार्यरत 40 हजार अध्यापकों व अन्य स्टाफ की परेशानी समाप्त हो गई है।
बुधवार देर शाम अपने आदेशों हरियाणा शिक्षा विभाग के निदेशक ने पत्र क्रंमाक 8/34-2008 पीएस के तहत मान्यता लेने व हरियाणा स्कूल नियमावली के 2003 के तहत मान्यता की शर्तें पूरी करने के लिए एक साल का समय दे दिया है। शिक्षा विभाग के इस फैसले से सर्वाधिक हिसार जिले में 168, दूसरे नंबर पर फतेहाबाद जिले में 153, तीसरे नंबर पर रोहतक में 143 और चौथे नंबर पर पानीपत में 135 स्कूलों को लाभ मिलेगा। इससे पहले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट आदेश पर हुए सर्वेक्षण में के आधार पर हरियाणा के सभी 1372 गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को बंद करने के आदेश दिए थे। तभी से ही हरियाणा प्राईवेट स्कूल संघ व दूसरे संगठन लगातार इन स्कूलों के लिए एक साल का समय मांगते रहें है। इस संबंध में हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ का एक प्रतिनिधिमण्डल प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू की अगवाई में सांसद दीपेंद्र हुड्डा, मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से हाल ही में कई बार मिल चुका है।
नियमानुसार गैर मान्यता प्राप्त स्कूल संचालकों को दंड देने का भी प्रावधान है। प्राइमरी स्कूल के लिए 15000, मिडिल के लिए 20000 और सेकेंडरी, सीनियर सेकेंडरी स्कूल के लिए 25000 रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता था।
इसके लिए जुलाई माह के अंत में प्राईवेट स्कूलों की तरफ से मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सांसद दीपेंद्र हुड्डा व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल का हिसार में भव्य स्वागत किया जाएगा।