यमुनानगर - पहाड़ी व मैदानी इलाकों में पिछले दो दिन से हो रही लगातार बारिश से जहां यमुना नदी उफान पर है, वहीं यमुना नदी की सहायक नदियां सोमनदी व पथराला नदी ने भी विकराल रूप धारण कर लिया है। यमुनानगर में स्थित हथनीकुंड बैराज में जल बहाव स्तर लगातार बढ़ रहा है और हरियाणा के सिंचाई विभाग ने बैराज के सभी गेट खोल दिए हैं व जल बहाव अब सीधा यमुना नदी में है। बैराज में रविवार दोपहर बाद चार बजे जल बहाव स्तर 4 लाख 50 हजार 931 क्यूसिक था, जो कि खतरे के निशान से कई गुणा ऊपर है। यमुना नदी की सहायक नदियों के आसपास बसे क्षेत्रों में कई-कई फुट पानी खेतों में घुस गया है। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर चले जाने के निर्देश दिए हैं।
हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में पिछले 48 घंटों में हुई व्यापक वर्षा से रविवार दिन चढ़ते-चढ़ते अचानक जल बहाव बढ़ गया। रविवार सुबह चार बजे जल बहाव केवल 22 हजार 108 क्यूसिक था। लेकिन करीब 9 बजे जैसे ही 70 हजार क्यूसिक खतरे के निशान को पार किया, तभी नहरों में पानी बंद करके बैराज के गेट खोलकर यमुना नदी में सीधा जल बहाव कर दिया गया।
गौरतलब है कि हथनीकुंड बैराज में केवल ऊपर से आने वाले पानी का जल बहाव ही दर्ज होता है। यमुनानदी की सहायक नदियां सोमनदी व पथराला नदी बैराज से आगे जाकर यमुना नदी में गिरती हैं। इसलिए इन नदियों का पानी दर्ज नहीं होता।
करनाल, पानीपत, सोनीपत व दिल्ली प्रशासन को यमुना नदी में बाढ़ की आशंका के प्रति सचेत कर दिया गया है।’ -मकरंद पांडुरंग, उपायुक्त यमुनानगर
कब कितना बढ़ा जल बहाव का स्तर
रविवार 16 जून सुबह चार बजे सुबह-22 हजार 108 क्यूसिक
5 बजे-25 हजार 168 क्यूसिक
6-बजे-45 हजार 684 क्यूसिक
7-बजे-62 हजार 105 क्यूसिक
8-बजे-66 हजार 806 क्यूसिक
9-बजे-76 हजार 591 क्यूसिक
10-बजे-एक लाख 32 हजार क्यूसिक
11-बजे-दो लाख 14 हजार क्यूसिक
12-बजे-दो लाख 71 हजार 94 क्यूसिक
2-बजे-दो लाख 27 हजार 476 क्यूसिक
3-बजे-चार लाख 16 हजार क्यूसिक
4-बजे-चार लाख 50 हजार 931 क्यूसिक