शिमला - मॉनसून के आने में अभी भले ही कुछ समय है लेकिन हिमाचल में प्री-मॉनसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है और राज्य के सभी हिस्से प्री-मॉनसून की वर्षा से तरबतर है। पिछले तीन दिनों से हो रही प्री-मॉनसून की इस वर्षा से प्रदेश में अधिकतम तापमान में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है और कई स्थानों पर अधिकतम तापमान चार से आठ डिग्री सेल्सियस तक घटा है जिससे राज्य के मैदानी जिलों के लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली है।
जानकारी के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान शिमला और कांगड़ा जिलों में कुछ स्थानों पर प्री-मॉनसून की भारी वर्षा हुई जबकि अन्य स्थानों पर भी वर्षा का दौर रुक-रुक कर जारी है। इस दौरान गमरूर में 62, ऊना में 53, धर्मशाला में 46, गुलेर में 41, जुब्बल में 36, बंगाणा और मैहरे में 30, कुफरी में 29, रोहडू में 21, पांवटा साहिब में 17, कुमारसैन, तीसा और नगरोटा सुरियां में 15, जोगिंद्रनगर में 14, सलूणी और अंब में 11, देहरा गोपीपुर में 10, सुंदरनगर व चंबा में 8, मनाली में 7 और शिमला व कल्पा में 4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बीते दो दिनों के दौरान राज्य में अधिकतम तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आई है। शिमला में आज अधिकतम तापमान 19.4 और न्यूनतम 17.6, सुंदरनगर में अधिकतम 23.4 और न्यूनतम 20.1, भूंतर में अधिकतम 22 और न्यूनतम 18.6, कल्पा में अधिकतम 18.8 और न्यूनतम 12.2, धर्मशाला में अधिकतम 25.2 और न्यूनतम 18.2 तथा ऊना में अधिकतम 26.4 और न्यूनतम 20.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में ही प्रदेश में अधिकतम तापमान औसतन तीन से चार डिग्री सेल्सियस कम हुआ है।
मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह तक राज्य के अधिकांश स्थानों पर वर्षा होने की संभावना जताई है। विभाग ने आगामी 24 घंटों के दौरान प्रदेश के छह जिलों सिरमौर, सोलन, कांगड़ा, मंडी, ऊना और शिमला में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी भी जारी की है। इस बीच मौसम में आए इस बदलाव से प्रदेश में पर्यटन सीजन में कमी आने की संभावना है। हालांकि अभी तक प्रदेश में लगभग सभी पर्यटक स्थलों पर होटल सैलानियों से भरे हुए हैं और इनकी भारी भीड़ उमड़ रही है।