कैथल - मारुति के आंदोलनरत मजदूरों के समर्थन में आज उनके परिवार, दर्जनों विभिन्न संगठनों के लोग भी उनके समर्थन में सड़कों पर उतरे। मजदूरों के समर्थन में आए लोगों ने जमकर कैथल पुलिस- प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और उनके लिए न्याय की मांग की। इससे पूर्व मारुति सुजुकी के मजूदर, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी व सदस्य सुबह से ही जवाहर पार्क में एकत्रित होने शुरू हो गए थे। जवाहर पार्क में पीडि़त लोगों द्वारा न्याय सम्मेलन का आयोजन किया गया।
इस न्याय सम्मेलन में मारुति कंपनी से बर्खास्त मजदूरों पर की गई लाठीचार्ज की निंदा की गई। न्याय सम्मेलन को संबोधित करते हुए किसान सभा के राज्य उपप्रधान फूल सिंह श्योकंद, जन संघर्ष मंच के सोमनाथ, आईटीयू के प्रदेश महासचिव सतवीर, शंकुतला, प्रोविजन कमेटी के सदस्यों आदि नेताओं ने कहा कि सरकार पूरी तरह से पूंजीपतियों के हितों को ध्यान में रख रही है और मारुति के कर्मचारियों की मांगों का दमन कर रही है। उन्होंने कहा कि कैथल लघु सचिवालय में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों को पुलिस ने बिना किसी सूचना के 18 मई को गिरफ्तार कर लिया। इसी तरह 19 मई को प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाई गई जोकि सरासर गलत और अनैतिक है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करने वाले 111 लोगों के खिलाफ बेवजह, बेबुनियाद झूठे मुकदमे बनाए गए हैं।
कामरेड फूल सिंह श्योकंद ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे 11 नेताओं पर तो धारा 307 व आम्र्स एक्ट जैसी संगीन धाराएं लगाकर उन्हें जेल में डाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि समाज सेवी अश्वनी हृतवाल, कामरेड प्रेम सहित कुछ लोगों को जानबूझकर केस दर्ज किए गए है। उन्होंने कहा कि कैथल की पुलिस व प्रशासन मजदूरों की आवाज को दबाना चाहती है। जवाहर पार्क में पंचायत करने के बाद सभी लोग प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे वहां जाकर वे सचिवालय में पार्क में जम गए और प्रशासन को खूब कोसा। कई नेताओं ने उद्योग मंत्री को भी कोसा और कहा कि प्रदर्शन कर रहे लोगों पर उद्योग मंत्री के इशारे पर लाठियां भांजी गई है।