हरियाणा के राज्यपाल ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल व मेरिट प्रमाण पत्र देकर किया सम्मानित
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा डॉक्टर ऑफ लिटरेचर की मानद उपाधि से किया अलंकृत
34वें दीक्षांत समारोह में 2000 पीजी व यूजी के विद्यार्थियों को वितरित की डिग्रियां, 130 विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधि और 91 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल देकर किया सम्मानित
चंडीगढ़, 18 फरवरी 2025 - हरियाणा के राज्यपाल व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बंडारू दत्तात्रेय ने मंगलवार को विश्वविद्यालय के 34वें दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए डॉक्टर ऑफ लिटरेचर की मानद उपाधि से अलंकृत किया। साथ ही, विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले और अंतरिक्ष में भारत का गौरव बढ़ाने वाले इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ को भी विश्वविद्यालय द्वारा मानद उपाधि और गोयल पीस प्राइज से सम्मानित किया गया। अहम पहलू है कि इस दीक्षांत समारोह में लगभग 2000 विद्यार्थियों को डिग्री तथा 130 पंजीकृत पीएचडी धारकों को पीएचडी की उपाधि तथा 91 पंजीकृत विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल तथा मेरिट सर्टिफिकेट प्रदान किए गए।
इससे पहले हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, कालका से विधायक शक्ति रानी शर्मा, इसरो वैज्ञानिक डॉ. सोमनाथ एस, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा, कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल, डॉ. एसपी सिंह व डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. दिनेश कुमार ने दीपशिखा प्रज्वलित कर विधिवत रूप से 34वें दीक्षांत समारोह का शुभारंभ किया तथा स्मारिका का विमोचन भी किया।
राज्यपाल ने पीएचडी, पीजी, यूजी की डिग्री लेने वाले और गोल्ड मेडल हासिल करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इन विद्यार्थियों में देश के उज्जवल भविष्य को देखा जा सकता है। इस 34वें दीक्षांत समारोह के बाद सभी विद्यार्थियों की जिंदगी में एक नई यात्रा की शुरुआत होगी। इस यात्रा से अभिभावकों, गुरुजनों को काफी अपेक्षाएं रहेंगी। कोई विद्यार्थी नौकरी की तलाश में होगा और कोई अपने व्यवसाय की तरफ आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को देखकर नजर आ रहा है कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से डिग्री लेने के बाद अधिकतर विद्यार्थी नौकरी हासिल करने वाले नहीं अपितु नौकरी देने वाले संस्थान के रूप में मुकाम हासिल करेंगे।
राज्यपाल ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को ए-प्लस-प्लस ग्रेड व एनआईआरएफ की 41वीं रैकिंग मिलने पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों और कर्मचारियों की मेहनत के कारण विश्वविद्यालय उन्नति की राह पर तेज गति के साथ आगे बढ़ रहा है। यह विश्वविद्यालय प्रदेश का सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय है इसलिए विद्यार्थियों को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मिली शिक्षा और संस्कारों का हमेशा जहन में रखना होगा।
विकसित भारत बनाने में युवाओं को होगा अहम योगदान- नायब सिंह सैनी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि जब हम भारत की आजादी के 100 वर्ष मनाएंगे, तब हमारा भारत देश एक विकसित राष्ट्र बने। उन क्रांतिकारी वीरों के सपनों का भारत बने, जिन्होंने भारत को आजाद करवाने के लिए अपना सर्वस्व बलिदान दिया। इस विजन को साकार करते हुए वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में सबसे महत्वपूर्ण योगदान युवाओं को होगा। इसलिए युवाओं को मानसिक, शारीरिक एवं नैतिक रूप से मजबूत बनना है और जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करना है।
मुख्यमंत्री ने पीएचडी की उपाधि से विभूषित और पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल डिग्री नहीं, बल्कि आपकी मेहनत का सम्मान है। उन्होंने विद्यार्थियों के अभिभावकों व संकाय सदस्यों को भी बधाई दी। उन्होंने इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ को विश्वविद्यालय द्वारा मानद उपाधि और गोयल पीस प्राइज से सम्मानित करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
उन्होंने कहा कि एक दशक पहले तक हरियाणा में बेटियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूरा-दराज के कॉलेजों में जाना पड़ता था। इस कारण अधिकतर बेटियां शिक्षा से वंचित रह जाती थी। उनकी इस पीड़ा को समझते हुए सरकार ने रोडमैप तैयार किया और हर 20 किलोमीटर पर एक कॉलेज स्थापित करने का संकल्प लिया। पिछले 10 सालों में 79 कॉलेज खोले गए, जिनमें से 30 केवल लड़कियों के हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्येय है कि हर बच्चे को अपने घर के नजदीक ही गुणवातापूर्ण शिक्षा मिले।
भारत पुनः विश्व गुरु बनने की राह पर अग्रसरः शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि इस दीक्षांत समारोह से डिग्री हासिल करने उपरांत युवा अपने सामाजिक जीवन में प्रवेश करके जिंदगी का लक्ष्य निर्धारित करके आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि आज हमारे सामने भारत को दुनिया का सबसे ताकतवर देश बनाने की चुनौती है और इस चुनौती से निपटने के लिए युवाओं को संकल्प लेना होगा और संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाना होगा। हर भारतीय का यही संकल्प है कि वर्ष 2047 तक हम भारत को दुनिया का सबसे ताकतवर देश बनाएं, भारत पुनः विश्व गुरु बनने की राह पर अग्रसर हो।
शिक्षा, शोध, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में देश के अग्रणी विश्वविद्यालयों में शुमार है कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय-कुलपति
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने 34वें दीक्षांत समारोह में मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि इस दीक्षांत समारोह में लगभग 2000 विद्यार्थियों को डिग्री तथा 130 पंजीकृत पीएचडी धारकों को पीएचडी की उपाधि तथा 91 पंजीकृत विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल तथा मेरिट सर्टिफिकेट प्रदान किए गए हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सोमनाथ एस को मानद उपाधि देकर सम्मानित किया गया है। इस विश्वविद्यालय ने देश में सबसे पहले राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू किया है। इस विश्वविद्यालय में 23 नए शैक्षणिक प्रोग्राम शुरू किए गए हैं, 63 पेटेंट हासिल किए हैं, 2 इंक्यूबेशन सेंटर बनाए गए हैं। इस विश्वविद्यालय ने 1150 विश्वविद्यालयों में खेलों के क्षेत्र में तीसरा स्थान हासिल किया, सांस्कृतिक गतिविधियों में देश में तीसरा स्थान हासिल किया और सरकारी विश्वविद्यालयों में प्रथम स्थान पर है।