चण्डीगढ़ - उत्तर हरियाणा बिजली निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली निगम ने स्टोरों में मीटर लौटाने के लिए कर्मचारियों के लिए शुरू की गई आम माफी योजना की अन्तिम तिथि 30 जून, 2013 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।
डिस्कॉम के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक श्री देवेन्द्र सिंह ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्र में भारी संख्या में खराब ट्रांसफार्मर और मीटर पड़े हुए हैं और इनमें क्षतिग्रस्त, खराब, जले हुए, बिना दावा वाले, अनगिनत और गिने हुए ट्रांसफार्मर और मीटर शामिल हैं।
इन उपकरणों का उचित ढंग से प्रबन्धन करने और सारी सामग्री को निगम के स्टोरों में लाने के लिए प्रदेश में पिछले महीने के दौरान निगम द्वारा ट्रांसफार्मरों और मीटरों के लिए दो अलग-अलग आम माफी योजना शुरू की गई थी। इन दोनों के लिए यह आम माफी योजना 30 जून, 2013 तक भी चालू रहेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत सभी क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर चाहे वे ऑप्रेशन सब-डिविजन में अनक्लेमड या अनगिनत पड़े हैं, को सम्बन्धित उप-मण्डल अधिकारी के निरीक्षण में कनिष्ठ अभियन्ताओं या सहायक फोरमेन द्वारा स्टोरों में वापिस किए जाने होंगे। स्टोरों या कार्यशालाओं में ट्रांसफार्मरों को वापिस करने वाले व्यक्तिओं के विरूद्घ किसी प्रकार की कमी नहीं दर्शायी जाएगी। वारण्टी अवधि के भीतर क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मरों तथा बिना नम्बर प्लेट के ट्रांसफार्मरों को स्टोरों या कार्यशालाओें में स्वीकार किया जाएगा। बहरहाल, सम्बन्धित उप-मण्डल अधिकारी ट्रांसफार्मर ड्रा करने, कनैक्शन जारी करने की तिथि तथा उपभोक्ता के नाम के सम्बन्ध में सूचना भेजेंगे। यदि यह वारण्टी अवधि के भीतर क्षतिग्रस्त हुआ है, तो उप-मण्डल अधिकारी निर्माता कम्पनी से ट्रांसफार्मर की मरम्मत के सम्बन्ध में मामले को रखेंगे। बहरहाल, यदि वारण्टी अवधि का कोई प्रमाण नहीं है और निर्माता कम्पनी वारण्टी अवधि के भीतर इसे अपनाने से इन्कार करती है तो इसकी मरम्मत निगमों द्वारा की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस योजना के बन्द होने के उपरान्त अधिकारियों की समिति सभी ट्रांसफार्मरों का निरीक्षण करेगी और कम खर्च से अधिक की लागत पर मरम्मत होने वाले ट्रांसफार्मर स्क्रैप होंगे और मरम्मत योग्य ट्रांसफार्मरों को मरम्मत के उपरान्त उपयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अनक्लेमड और अनगिनत मीटरों सहित मीटरों की इस आम माफी योजना के तहत कनिष्ठ अभियन्ता और सहायक फोरमेन सीधे उप-मण्डल कार्यालयों में पड़े मीटरों के स्टॉक को स्टोरों में वापिस कर सकते हैं।
उप-मण्डल अधिकारी स्टोरों में वापिस किये गए सभी अनक्लेमड और अनगिनत मीटरों का पूरा रिकार्ड रखेंगे। पहली अप्रैल से बदले गए मीटरों को मीटर प्रयोगशालाओं के माध्यम से रूटीन लाया जाएगा। भविष्य में सम्बन्धित उपमण्डल अधिकारी और कनिष्ठ अभियन्ता सुनिश्चित करेंगे की सभी बदले गए मीटर 15 दिनों के भीतर मीटर प्रयोगशालाओं के माध्यम से स्टोरों को वापिस किये जाएं।