रोहतक - गांव मायना के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती सरोज बाला पर राज्य सूचना कमीशन ने आरटीआई के तहत सूचना न देने पर दो हजार रूपये का जुर्माना लगाया है। सरोज बाला पर आरोप है कि उन्होंने वांछित सूचना आरटीआई के तहत नहीं दी तथा जो सूचनाएं दी वह भी सत्यापित नहीं हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जनता कालोनी निवासी प्रेमवती ने प्राचार्या सरोज बाला से आरटीआई के तहत सूचना मांगी थी कि राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 1-10-2007 से 31-12-2011 तक किस-किस स्कीम के तहत कितनी-कितनी राशि विद्यालय को प्राप्त हुई और किस कमेटी द्वारा किस-किस मद पर खर्च की गई। इसके अलावा इनकी रसीदों की छाया प्रति सत्यापित करके दी जाये। इसके अलावा 1-10-2007 से 31-12-2011 तक विद्यालय के भवन रिपेयर की राशि किस स्कीम के तहत आई थी और इसके तहत कितने क्षेत्र में मरम्मत करवाई उसकी पैमाइश करवाकर दी जाये। वहीं 1-10-2007 से 31-12-2011 तक किस-किस फंड से क्या-क्या खरीदा गया इसकी भी सत्यापित प्रति दी जाये।
प्रेमवती द्वारा मांगी गई जानकारी को प्राचार्या सरोजबाला ने टाल-मटोल करनी चाही तथा यह मामला चंडीगढ़ के राज्य सूचना कमीशन के सामने पहुंचा। जिसमें भी सरोजबाला पूरी सूचनाएं देने में विफल रही। जिस पर कमीशन के अध्यक्ष सज्जन सिंह ने कड़ी कार्यवाही करते हुए प्राचार्या सरोजबाला पर दो हजार रूपये का जुर्माना किया तथा जल्द से जल्द सारी सूचनाएं मुहैया करवाने के आदेश दिये।