मुख्यमंत्री बोले : अच्छे कामों का विरोध करना कांग्रेस की अदात
किसान हित के नाम पर कांग्रेस व आप पार्टी कर रही है राजनीति
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि वन नेशन-वन इलेक्शन से काम की गति बढ़ेगी, समय की बचत होगी तथा खर्चा भी कम होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि देश में वन नेशन-वन इलेक्शन होने चाहिए, राज्य सरकार पीएम के इस सार्थक कदम का समर्थन करती है। मुख्यमंत्री पिंजौर के जटायु संरक्षण और प्रजनन केंद्र में आयोजित कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने संसद में पेश किए गए वन नेशन-वन इलेक्शन बिल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस बिल के पास होने से प्रधानमंत्री का विजन साकार होगा और एक ही समय पर चुनाव होने से समय और धन दोनों की बचत होगी तथा देश-प्रदेश में विकास का क्रम निरंतर जारी होगा। उन्होंने कहा कि हम लगातार चुनाव खड़े रहते हैं और अलग-अलग समय पर अलग-अलग चुनाव होते हैं, जिसमें पूरी चुनाव मशीनरी लगती है और विकास की गतिविधि रूकती है। वन नेशन-वन इलेक्शन से चुनाव में होने वाले खर्च का इस्तेमाल विकास की परियोजनाओं पर खर्च हो सकेगा।
किसान हित के नाम पर कांग्रेस व आप पार्टी कर रही है राजनीति
नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी की हमेशा सरकार के द्वारा किए जा रहे अच्छे कामों का विरोध करने की आदत हो गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश पर 55 वर्षों तक राज किया, लेकिन उन्होंने किसान हित के लिए कोई भी अच्छा निर्णय लिया हो तो वे बताएं। हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक व तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार है। वहीं, पंजाब व दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है, इन प्रांतों में किसान धरने व प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान के नाम पर कांग्रेस व आम आदमी पार्टी मिलकर राजनीति कर रहे हैं।
हरियाणा सरकार लगातार किसान हित में कर रही है कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार लगातार किसान हित में कार्य कर रही है। हमारी सरकार शत- प्रतिशत फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद रही है। सब्जी किसानों को भावांतर योजना के तहत लाभ दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना पर सब्सीडी दी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 4500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का किसानों को भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों को ट्रैक्टर व कृषि उपकरणों पर सब्सिडी दे रही है और किसान का खर्च कम से कम हो, इसके लिए योजनाएं तैयार की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 2022 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूरिया व डीएपी के भाव बढे थे तो प्रधानमंत्री ने इनके दाम बढ़ाने पर रोक लगाई और किसान को सस्ती दरों पर खाद उपलब्ध करवाई, ताकि किसान पर आर्थिक बोझ न पड़े। उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को यूपीए के समय ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। आज इंडी गठबंधन जो उस समय यूपीए का हिस्सा थे, वे आज किसान हित की बात कर रहे हैं।