शिमलाः भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने आज यहां हिमाचल प्रदेश विधानसभा के स्वर्ण जयंती समारोह के आयोजन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
राज्यपाल श्रीमती उर्मिला सिंह ने इस अवसर पर राज्य विधानसभा के सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए यह एक ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि विधानसभा ने अपने सफर के 50 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इससे भी बढक़र प्रसन्नता की बात यह है कि भारत के प्रथम नागरिक ने इस अवसर का गवाह बनकर हम सभी को कृतार्थ किया है।
उन्होंने कहा कि राज्य विधानसभा का ऐतिहासिक काउंसिल चैंबर अपने अस्तित्व के समय से ही राज्य हित में अनेक ऐतिहासिक निर्णयों का गवाह रहा है। उन्होंने आशा जताई कि यह अनेक और निर्णयों का गवाह बनेगा तथा आने वाले समय में अपनी गरिमा को बनाए रखेगा। उन्होंने इस अवसर पर सभी को अनुग्रहित करने के लिए राष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया।
राज्यपाल ने इस अवसर पर 12वीं विधानसभा की रूपरेखा ‘हूज़ हू’ का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने भारत के राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में यह एक यादगार क्षण है जब हिमाचल प्रदेश विधानसभा अपने अस्तित्व के 50 वर्ष पूरे करने का समारोह मना रहा है। उन्होंने इस अवसर पर सभी विधायकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व वर्ष 1988 में जब विधानसभा का रजत जयंती समारोह आयोजित किया गया था, तो उन्हें भारत के उपराष्ट्रपति का स्वागत करने का अवसर मिला था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा में प्रदेश के लोगों के कल्याण के लिए निर्णय लिए जाते हैं और वे स्वयं पिछले तीन दशकों से विधानसभा के सदस्य रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि विधानसभा के सभी सदस्यों ने लोकतंत्र की परम्पराओं का निर्वहन करते हुए सदन की गरिमा को बनाए रखा है।
हिमाचल प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने का श्रेय राज्य के लोगों को देते हुए श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि यह विभिन्न सरकारों की कल्याणकारी नीतियों और समाज के सभी वर्गों को लाभान्वित करने की इच्छा
शक्ति के कारण संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1948 में प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 240 रुपये थी, जो वर्ष 2012-13 में बढक़र 82,611 रुपये हो गई है। आज प्रदेश की साक्षरता दर 83.78 प्रतिशत है, जिससे यह सिद्घ होता है कि अस्तित्व में आने के उपरांत हिमाचल प्रदेश ने अभूतपूर्व प्रगति की है। इस दिशा में प्रदेश विधानसभा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, क्योंकि लोगों के हित में यहां अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनके फलस्वरूप हिमाचल प्रदेश देश के अन्य पहाड़ी राज्यों के लिए आदर्श बनकर उभरा है।
मुख्यमंत्री ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पण्डित जवाहर लाल नेहरू तथा श्रीमती इंदिरा गांधी के योगदान को याद करते हुए कहा कि प्रदेश के लोग इन दूरदर्शी नेताओं के सदैव ऋणी रहेंगे। इन महान नेताओं ने प्रदेश को अलग पहचान दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि इन महान नेताओं को प्रदेश के लोगों से विशेष प्रेम एवं स्नेह था और इसके लिए उन्हें सदैव याद रखा जाएगा।
उन्होंने आशा जताई की कि हिमाचल प्रदेश भविष्य में प्रगति के नए सौपानों को हासिल करेगा। उन्होंने इस महत्वपूर्ण अवसर को सुशोभित करने के लिए राष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री बी.बी.एल. बुटेल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश की 12 विधानसभा को संबोधित करने के लिए अपना बहुमूल्य समय निकालने के लिए राष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया।
विधानसभा अध्यक्ष ने इस अवसर पर राष्ट्रपति को स्मृति चिन्ह, शॉल और हिमाचली टोपी भेंट की।
प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री प्रेम कुमार धूमल ने भी राष्ट्रपति का स्वागत किया।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा उपाध्यक्ष श्री जगत सिंह नेगी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
सभी काबिना मंत्री, मुख्य संसदीय सचिव, मुख्य सचिव श्री एस. रॉय, भारत एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।