Hindi English Saturday, 17 October 2026
BREAKING
• श्रीराम के आदर्श हमारे आचरण और सामाजिक जीवन का हिस्सा बनें : नरेश अरोड़ा • चंडीगढ़ में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ, इंद्रेश महाराज के प्रवचनों और भजनों से कृष्णमय हुआ शहर • फोर्टिस मोहाली ने आधुनिक इमेजिंग, फ्लोरेसेंस-गाइडेड सर्जरी और रोबोटिक प्रक्रियाओं से स्तन कैंसर के इलाज को आगे बढ़ाया • श्रीमद्भागवत कथा एवं तृतीय वृंदावन प्राकट्य उत्सव का भव्य आयोजन आज से • भरत-कैकेयी संवाद ने दर्शकों को किया इमोशनल • शहर में पहली बार: भव्य 'टाइटैनिक शिप कार्निवाल' का आयोजन • श्री सिद्ध बाबा बालक नाथ के वार्षिक समारोह की तैयारियां शुरू, मंदिर कमेटियों को दिए जा रहे निमंत्रण • गीतांजलि अरोड़ा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया भारत का मान • श्रवण कुमार की मातृ-पितृ भक्ति से लेकर प्रभु श्रीराम के जन्म तक की लीलाओं ने दर्शकों को किया भावविभोर • ऑल पंजाब क्रशर एसोसिएशन ने उठाए उद्योग की समस्याओं के मुद्दे, सरकार से जल्द हस्तक्षेप की मांग

हिमाचल प्रदेश

More News

बेहतर तालमेल के लिए राज्य सरकार एवं सैन्य प्रशासन की समिति गठित होगी

Updated on Wednesday, May 22, 2013 15:22 PM IST

शिमलाः मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार एवं भारतीय सेना के अधिकारियों की एक संयुक्त समिति का गठन किया जाएगा, जो दोनों के मध्य लंबित मामलों पर हुई प्रगति का मासिक आधार पर अनुश्रवण करेगी। मुख्यमंत्री आज यहां नागरिक सैन्य सम्पर्क सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे थे। यह सम्मेलन हिमाचल प्रदेश सरकार तथा भारतीय सेना की पश्चिमी कमान के मध्य आयोजित किया गया।

श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि सेना, नागरिक प्रशासन, अर्धसैनिक बल और पुलिस लोकतंत्र के महत्वपूर्ण अंग हैं तथा राज्य की प्रगति एवं सतत् विकास एवं देश की बाह्य तथा आंतरिक सुरक्षा के लिए इनका आपसी तालमेल आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश भूकंप संवेदी जोन पांच में आता है और इसके दृष्टिगत बेहतर आपदा प्रबंधन के लिए नागरिक एवं सैन्य अधिकारियों के बीच आपसी तालमेल जरूरी है। उन्होंने कहा कि बाढ़ एवं बादल फटने जैसी घटनाओं से सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति के साथ-साथ सडक़ तथा पुलों जैसी अधोसंरचना को भी भारी क्षति होती है। सेना प्राकृतिक आपदाओं के समय प्रदेश सरकार को समय पर सहायता उपलब्ध करवाती रही है और बचाव कार्यों तथा पुनर्वास प्रक्रिया में सेना की भूमिका सराहनीय रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सेना की सहायता के लिए हर संभव कदम उठाएगी और सेना तथा सरकार के मध्य संबंधों को और मजबूत बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर राज्य में आतंकवाद तथा सुरक्षा व्यवस्था नियंत्रण में है, किन्तु सुरक्षा के दृष्टिगत यह आवश्यक है कि हिमाचल प्रदेश की सीमा पर निरंतर चौकसी रखी जाए, क्योंकि प्रदेश की सीमाएं एक ओर चीन तथा दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर से सटी हैं।

श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि देश के सशस्त्र बलों में हिमाचल प्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वर्तमान में राज्य से संबंधित 1,20,600 सैनिक सशस्त्र बलों में कार्यरत हैं, प्रदेश में 1,04,896 भ्पूर्व सैनिक, 1074 युद्घ विधवाएं तथा 28,667 अन्य सैनिक विधवाएं हैं। प्रदेश सरकार कार्यरत एवं सेवानिवृत सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए वचनबद्घ है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल (सेवानिवृत) डॉ. धनीराम शांडिल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि वे स्वयं सेना में रहे हैं और सैनिकों, पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों की समस्याओं से भलीभांति परिचित हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना में सेवा का हिमाचल प्रदेश का समृद्घ इतिहास है और प्रदेश को अपने सभी सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों पर गर्व है,

जिन्होंने विभिन्न युद्घों में अदम्य साहस का परिचय देते हुए न केवल विभिन्न शौर्य पुरस्कार हासिल किए बल्कि देश और प्रदेश का नाम भी रौशन किया।

पश्चिमी कमान के जीओसी-ईन-सी लै. जनरल संजीव चाचरा ने सशस्त्र सेनाओं की आवश्यकताओं पर ध्यान देने के लिए राज्य सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश से बड़ी संख्या में अधिकारी एवं सैनिक सशस्त्र बलों में कार्यरत हैं, जिन्होंने बाहरी एवं आंतरिक खतरों से निपटने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वे आपसी मामलों विशेषकर भूमि से संबंधित मामलों का शीघ्र निपटारा करेें।

उन्होंने अनाडेल मामले में त्वरित कार्रवाई करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए मांग की कि अनाडेल मैदान को सेना को लंबी अवधि के लिए पट्टे पर दिया जाए। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सेना राज्य सरकार को हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने राज्य सरकार से अनुरोध किया कि पूर्व सैनिकों को बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए जाएं ताकि उनका जीवन स्तर और अच्छा बन सके।

उन्होंने मांग की कि ऊना में सेना को भूमि आवंटित की जाए ताकि यहां आदर्श सेना स्टेशन स्थापित किया जा सके। उन्होंने आशा जताई कि राज्य सरकार द्वारा अन्य लंबित मसले भी प्राथमिकता के आधार पर निपटाए जाएंगे।

Have something to say? Post your comment
मुख्यमंत्री सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश विकास और जनकल्याण की नई दिशा में अग्रसर : जी एल शर्मा

: मुख्यमंत्री सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश विकास और जनकल्याण की नई दिशा में अग्रसर : जी एल शर्मा

जुपिटर इंटरनेशनल लिमिटेड द्वारा “जुपिटर केयर” पहल के अंतर्गत कुठाड़ गांव में निशुल्क मेडिकल कैंप आयोजित

: जुपिटर इंटरनेशनल लिमिटेड द्वारा “जुपिटर केयर” पहल के अंतर्गत कुठाड़ गांव में निशुल्क मेडिकल कैंप आयोजित

एशिया लैबेक्स बद्दी 2026 ने उत्तर भारत में लेबोरेटरी और फार्मा इनोवेशन के लिए नए रास्ते खोले

: एशिया लैबेक्स बद्दी 2026 ने उत्तर भारत में लेबोरेटरी और फार्मा इनोवेशन के लिए नए रास्ते खोले

बी.बी.एन. डिग्री कॉलेज, चकमोह और प्राचीन धार्मिक स्थलों में आध्यात्मिक वानिकी महोत्सव आयोजित

: बी.बी.एन. डिग्री कॉलेज, चकमोह और प्राचीन धार्मिक स्थलों में आध्यात्मिक वानिकी महोत्सव आयोजित

राज्यपाल ने अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले का किया विधिवत शुभारंभ

: राज्यपाल ने अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले का किया विधिवत शुभारंभ

आरट्रेक ने 11वां अंतराष्ट्रर्षीय योग दिवस पूरे उत्साह से मनाया

: आरट्रेक ने 11वां अंतराष्ट्रर्षीय योग दिवस पूरे उत्साह से मनाया

भारतीय भाषाओं के बीच अनुवाद की समस्या पर राष्ट्रीय सम्मेलन

: भारतीय भाषाओं के बीच अनुवाद की समस्या पर राष्ट्रीय सम्मेलन

133 इन्फेंट्री बटालियन इको डोगरा ने विश्व पर्यावरण दिवस मनाया

: 133 इन्फेंट्री बटालियन इको डोगरा ने विश्व पर्यावरण दिवस मनाया

युवा पीढ़ी को स्वस्थ्य और नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना आवश्यक: मुख्यमंत्री

: युवा पीढ़ी को स्वस्थ्य और नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना आवश्यक: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कांगड़ा और चम्बा में अनुकरणीय कार्य के लिए वन समितियों को किया सम्मानित

: मुख्यमंत्री ने कांगड़ा और चम्बा में अनुकरणीय कार्य के लिए वन समितियों को किया सम्मानित

X