मंत्रिमंडल की पहली बैठक में सुप्रीम कोर्ट का फैसला लागू करने पर मोहर
एमएसपी पर खरीदी जाएंगी किसानों की सभी फसलें
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की पहली बैठक में एससी आरक्षण में वर्गीकरण के फैसले को लागू कर दिया है। शुक्रवार को चंडीगढ़ में हुई पहली बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में नायब सैनी ने कहा कि बैठक में सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का हमारी कैबिनेट ने सम्मान किया है, जो एससी में वर्गीकरण का मामला था, हमारी कैबिनेट ने उसे आज से ही लागू करने का फैसला लिया है।
अभी एससी के लिए 15 प्रतिशत और एसटी के लिए 7.5 प्रतिशत आरक्षण है। इस 22.5 प्रतिशत के आरक्षण में ही राज्य एससी व एसटी के उन कमजोर वर्गों का कोटा तय कर सकेंगे, जिनका प्रतिनिधित्व बहुत कम है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार एससी, एसटी वर्ग को मिलने वाले आरक्षण में उसी वर्ग के आरक्षण का लाभ पाने से वंचित रह गए वर्गों को लाभ देने के लिए उपवर्गीकरण किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने सरकारी भर्तियों को लेकर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि कहा कि नौकरी देना उनके लिए बिजनेस था और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को वह लाला की दुकान समझते थे।
विधानसभा सत्र बुलाने को लेकर सैनी ने कहा कि कैबिनेट में इसको लेकर चर्चा हुई है। अगले एक-दो दिनों में तारीख तय की जाएगी। अभी त्योहार है, उसके बाद ही बुलाएंगे।
सैनी ने हरियाणा के किसानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी फसल का एक-एक दाना एमएसपी पर खरीदा जाएगा। उनके खाते में धान खरीद का 3,056 करोड़ रुपया पहुंचाना है। 17 अक्टूबर तक 3 लाख 44 हजार मीट्रिक टन बाजरे की आवक हुई है। इसमें से 2 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा की खरीद की जा चुकी है। किसानों के खाते में 331 करोड़ रुपए पहुंचा दिए हैं।
नायब सैनी ने कहा कि वह जब पहली बार सीएम बने तो उन्होंने वादा किया था कि 50 हजार नौकरियां देंगे। 15 हजार को दे चुके हैं, 25 हजार को देने जा रहे हैं। अभी तक मनोहर लाल ने इसे आगे बढ़ाया है, अब ये जिम्मेदारी मेरी है कि बिना खर्ची और बिना पर्ची के युवाओं को नौकरी दूं। मैंने कहा था कि मैं शपथ बाद में लूंगा, पहले 25 हजार युवाओं को नौकरी दूंगा। आज मैंने भी जॉइन किया है, और उन युवाओं ने भी किया है।
जो योजनाएं पहले से चल रही हैं कि उन्हें भी नॉन स्टॉप जारी रखा जाएगा। सुशासन हमारी सरकार का मूल मंत्र होगा। सब वर्गों का हित सुरक्षित रखने वाली नीतियां मुझे विरासत में मिली हैं।