चंडीगढ़ः हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी, पंचकूला की ओर से जगत् प्रसिद्ध पंजाबी शायर शिव कुमार बटालवी की पुण्यतिथि 6 मई 2013 की पूर्वसंध्या पर चंडीगढ़ के सैक्टर-16 में स्थित कलाभवन के ऑडीटोरियम में ‘‘शिकरा यार’’ के नाम से एक शिव के गीतों का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसे ‘सा रे गा मा पा’ में प्रथम रही गायिका रिंकू कालिया ने शिव के चर्चित दर्द भरे गीतों का संगीतकार रविन्द्र बच्चन के निर्देशन में गायन किया। उन गीतों में ‘माए नी माए मैं इक शिकरा यार बनाया’, ‘भट्ठी वालीए चम्बे दीए डालीए, पीड़ां दा परागा भुन दे’, ‘मैं कंडियाली थोर वे सजना’ एवम् ‘रात गई कर तारा तारा’ आदि गीतों का बड़ी ही सुर भरी आवाज़ में प्रस्तुतिकरण किया, जिसका हॉल में बैठे लोगों ने तालियां बजा कर स्वागत किया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पंजाबी के प्रसिद्ध कवि सुरजीत पातर थे, जिन्होंने अपने सम्बोधन में शिव के काव्य को कालजीवी कहा और उनके साथ हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी के निदेशक सुखचैन सिंह भंडारी जो इस कार्यक्रम के विशेष अतिथि थे, उन्होंने मंच पर शिव की गायकी को ‘दर्द का दरिया’ का नाम देते हुए कहा कि शिव जब अपने गीतों को लोगों के सामने गाता था तो उसका दिल रोता था और सामने बैठे श्रोताओं की आंखों से आंसू बहते थे।
वारिस शाह के बाद अगर पंजाबी काव्य में किसी ने इतिहास रचा है तो वह है शिव कुमार बटालवी के दर्द भरे गीत। हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी ने यह कार्यक्रम हरियाणा सरकार के सूचना एवम् सांस्कृतिक विभाग के सहयोग से पंजाबी भाषा और संस्कृति को विकास देने के लिए यह कार्यक्रम शिव की याद में आयोजित किया।