चण्डीगढ़ - हरियाणा बिजली निगमों ने आगामी दो वर्षों में राज्य में बिजली वितरण निगम प्रणाली को और अधिक सुदृढ करने के दृष्टिगत 2000 करोड़ रुपये की योजना तैयार की है।
बिजली निगमों के प्रबन्ध चेयरमैन देवेन्द्र सिंह ने आज यह जानकारी गुडगांव में हुई निगम के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक को सम्बोधित करते हुए दी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत तीन मुख्य लक्ष्यों पर मुख्य रूप से ध्यान केन्द्रित किया जाएगा, जिनमें बिजली आपूर्ति की अवधि बढ़ाने के लिए पहले से उपलब्ध बिजली में अतिरिक्त बिजली शामिल करना, बिजली आपूर्ति में बाधा उत्पन्न कर रही प्रणालियों के स्थान पर नई विश्वसनीय एवं गुणवता प्रणाली स्थापित करने तथा औसतन तकनीकी एवं वाणिज्यिक घाटे को कम करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि आगामी तीन महीनों के दौरान बिजली निगम लोगों को तीन घंटे अतिरिक्त बिजली देने का प्रस्ताव है। इसके लिए निगमोें ने बिजली की उपलब्धता के प्रबन्ध कर लिये हैं। गांवों में वितरण प्रणाली तथा तकनीकी एवं वाणिज्यिक घाटे को कम करने की आवश्यकता है। गांवों में जहां फिडरों पर 25 प्रतिशत से कम घाटा है, ऐसे गांवों के मीटरों को बाहर स्थापित करवाया जा रहा है और शहरी पद्घति पर बिजली आपूर्ति की जाएगी। ऐसे गांवों को जीरो पावर कट का विकल्प दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बिजली वितरण के लिए पहले आओ पहले पाओ आधार पर एक नई प्रणाली सृजित की जा रही है। गांवों में बिजली शिविरों को आयोजन किया जा रहा है तथा मोके पर ही कनेक्शन दिये जा रहे हैं।