करगिल विजय के 25वें वर्ष के तहत एलन चंडीगढ़ का शौर्य वंदन
हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के 40 शहीदों के परिजनों का सम्मान
परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर योगेन्द्र सिंह यादव हुए शामिल
पंचकूला - देश आगे बढ़ रहा है, क्योंकि हम सुरक्षित हैं। कोई हैं जो हमारी सुरक्षा के लिए प्राणों की बाजी लगाकर हमें खुली हवा में जीने की आजादी दे रहे हैं। इस बलिदान को याद रखते हुए आइए, हम भी दूसरों के लिए जीना सीखे। अपने परिवार के साथ समाज और देश की सेवा का जज्बा मन में रखें, तभी जीवन सार्थक होगा। परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर ऑनरेरी कैप्टन योगेन्द्र सिंह यादव ने यह बात मंगलवार को एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट चंडीगढ़ की ओर से आयोजित शौर्य वंदन कार्यक्रम में शहीदों परिवारों के सम्मान के दौरान कही।
समारोह में विद्यार्थियों को सीख देते हुए कैप्टन योगेन्द्र ने कहा कि सेना का सम्मान देश का सम्मान है, जिस तरह एक योद्धा देश के लिए लड़ता है ठीक उसी तरह एक विद्यार्थी को भी देश को आगे ले जाने के लिए संकल्पित रहना चाहिए। पढ़ाई में भी टारगेट लेकर उसकी प्राप्ति के लिए पूरे प्रयास होने चाहिए।
एलन करियर इंस्टीट्यूट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से चंडीगढ़ में करगिल विजय के 25वें वर्ष के तहत शौर्य वंदन कार्यक्रम इन्द्रधनुष ऑडिटोरियम सेक्टर-5 में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करगिल युद्ध में हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के 40 शहीदों के परिजनों का सम्मान किया गया। इनमें काँगड़ा, पालमपुर, फतेहाबाद, करनाल, कुरूक्षेत्र, नंगल, रोपड़, लुधियाना, बिलासपुर, पठानकोट, मानसा, संगरूर, पटियाला, अंबाला, शिमला, सिरमौर, मंडी, हमीरपुर के निवासी शहीदों के परिजनों को 11-11 हजार के चेक, सम्मान पत्र सौंपे गए।
इस दौरान शहीदों के परिजनों ने भी अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान कई बार ऐसे क्षण भी आए जब हर किसी के आंख में आंसू आ गए। कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थियों ने खड़े होकर शहीदों के सम्मान में तालियां बजाई और परिजनों को सेल्युट किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एलन के निदेशक डॉ. नवीन माहेश्वरी ने शहीदों को नमन करते हुए परिजनों का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि एलन करियर इंस्टीट्यूट अपने सामाजिक सरोकार निभाने में आगे रहता है। करगिल विजय के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शौर्य वंदन कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत पूरे भारत में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हम शिक्षा के साथ संस्कार देने में विश्वास रखते हैं। एक सैनिक के जीवन से विद्यार्थी बहुत कुछ सीख सकते हैं। मुख्यरूप से देने का भाव सीखना है, जिस तरह एक सैनिक देश के लिए जान देता है, उसी तरह एक विद्यार्थी को देश को आगे लाने के लिए सकारात्मक सोच रखनी चाहिए। इस अवसर पर एलन के जोनल हेड सदानंद वाणी व अन्य सीनियर फैकल्टीज मौजूद रहे।
इन शहीदों के परिजनों का हुआ सम्मान:
कार्यक्रम में शहीद ब्रिजेन्द्र सिंह, शहीद ब्रह्म दास, शहीद लखबीर सिंह, शहीद राकेश कुमार, शहीद सौरभ कालिया, शहीद सुरतजीत सिंह, शहीद विक्रम बत्रा, शहीद योगेन्द्र सिंह, शहीद मनोहरलाल, शहीद गुलाब सिंह, शहीद राजबीर, शहीद संजीव कुमार, शहीद अमोल कालिया, शहीद गोपाल सिंह, शहीद जसविंदर सिंह, शहीद पुरषोत्तम लाल, शहीद सुखचैनदीप सिंह, शहीद विक्रम सिंह, शहीद अश्वनी कुमार, शहीद राजकुमार, शहीद विजय पाल, शहीद हरीश पाल, शहीद रनबीर सिंह, शहीद बूटा सिंह, शहीद दर्शन सिंह, शहीद गुरमेल सिंह, शहीद गुरमेल सिंह (2), शहीद निर्मल सिंह, शहीद रसविंदर सिंह, शहीद पवन कुमार, शहीद अनन्तराम, शहीद कल्याण सिंह, शहीद कुलविंदर सिंह, शहीद यशवंत सिंह, शहीद गुरदास सिंह, शहीद खेमचंद, शहीद नरेश कुमार, शहीद पूरण चंद, शहीद राजकुमार, शहीद सरवन कुमार के परिजन शामिल हुए।