नई दिल्ली - बालों की समस्याओं के संदर्भ में एक राष्ट्र स्तरीय कॉफ्रेस का आयोजन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में किया गया। इस कार्यक्रम में डा. के.एस. धीमान तथा वैध देवेन्द्र त्रिगुना ;पद्म भूषणद्ध, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सम्मानित सदस्यों के रूप में डा. डी.सी. कटोच, वैद्य बालेन्दु प्रकाश ;पद्म श्री), डा. तनुजा नेसारी आदि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम 2 भागों में आयोजित किया गया। पहले भाग की शुरूआत मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एंव धन्वतंरी पूजन के साथ की गई जिसमें सभी गणमान्य व्यक्ति साथ रहे। उसके बाद छोटी बालिका कनिष्का शर्मा द्वारा सरस्वती वंदना पर नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी जिसने सभी का मन मोह लिया। उसके बाद के अब तक के सफर को दर्शाने वाली एक विडियो का प्रस्तुतिकरण हुआ जिसमें सभी भागो हेयर क्लिनिक, आर्युवेदा कार्ड डा. कॉम, आयुर्वेदा कंसल्टेन्टस डा. कॉम, के बारे में जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम में बालों के विज्ञान तथा बालों की समस्याओं पर आधारित डा. मुकेश अग्रवाल द्वारा लिखी गई पुस्तक का लोकार्पण मुख्य अतिथियों द्वारा माननीय गणों की उपस्थ्तिि में किया गया। डा. मुकेश अग्रवाल ने पुस्तक के बारे में बताया कि केश विज्ञान के संदर्भ मंे यह मेरी पहली पुस्तक है, इसके बाद आयुर्वेद पर आधारित अगला भाग जल्दी ही प्रकाशित होगा। जल्दी ही आनलाईन उपल्बध होगी। कार्यक्रम में आगे पर आधारित सोविनीयर लांच किया गया, जिसमें 18 राज्यों से पी.जी., पी.एच.डी. तथा अन्य शोधार्थियों द्वारा तैयार शोधपत्रों का प्रकाशन किया गया है। साविनीयर का प्रकाशन ’आयुर्वेदा-सूत्र’ द्वारा किया गया है।
कार्यक्रम के दूसरे भाग में एआईटी को लांच किया गया। एआईटी को बालों की समस्याओं के समाधान, नई तकनीकों के विकास, टाईकोलोजी आधारित कॉर्स, सभी विधाओं के समावेश जैसे उद्देश्यों के साथ लांच किया गया तथा पैथी के डॉक्टर्स एंव अनुसंधान कर्ताओं को साथ आने के लिए आमंत्रित किया गया।
टाईकान 2019 में भारत सरकार के अनेक प्रतिनिधी, अधिकारी, नीति-निर्धारक तथा अन्य संबधित क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि वैद्य बालेन्दु प्रकाश, जो कि लाईफ सेंिवंग के लिए जाने जाते हैं, उन्होने कहा कि कास्मेटिक टीटमेंट आज के जीवन की प्रधान चिकित्सा बन चुकी है। बालों के लिए विशेष ईलाज की सुविधा प्रदान करने के लिए उन्होने वीएचीए की प्रसंशा की। दूसरे मुख्य अतिथि डा. के. एस. धीमान ने कहा कि केश विज्ञान पर आधारित अपने तरह की इस पहली कांफ्रेंस में आकर वे काफी खुश है। पहले सभी बिमारियों का ईलाज एक ही वैद्य द्वारा किया जाता था, लेकिन अब अलग-अलग रोगों के लिए अलग-अलग वैद्य कार्यरत है। टाईकान 2019 के लिए उन्होने वीएचसीए को साधुवाद दिया तथा ऐसे कार्यक्रम को आज के समय की जरूरत बताया तथा त्रिदोष तथा सप्तधातु का विचार करते हुए बालों की चिकित्सा करने पर जोर दिया।