निर्देशक अनमोल अरोड़ा बुधवार को अपनी लघु फिल्म बी फॉर बैलून जिसने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर
काफी लोकप्रियता हासिल की है, को प्रमोट करने के लिए मीडिया के साथ बातचीत की।
फिल्म निर्देशक अनमोल अरोड़ा, जिन्होंने अपनी लघु फिल् बी फॉर बैलून के लिए 18 पुरस्कार
और 22 नामांकन प्राप्त किए है, उनका कहना है कि बच्चों के माध्यम से संदेश देना हमेशा आसान
होता है।
अनमोल ने सामाजिक रूप से इस फिल्म पर बच्चों के साथ काम करने के बारे में बात करते हुए कहा,
यह फिल्म एक झुग्गी-झोपड़ी के रहने वाले बच्चे की दिल को छू लेने वाली कहानी है, जो सड़क के
किनारे गुब्बारे बेचकर फुटबॉल खरीदने की इच्छा रखता है। आगे अनमोल ने यह भी कहा कि यह
कहानी एक जीवन की घटना के दौरान उत्पन्न हुए विचार पर बनाई गयी है। उन्होंने कहा, जिन्दगी
हमें बहुत कुछ सिखाती है और इसी तरह इस कहानी की तुलना मैने झुग्गी में रह रहे बच्चे के साथ
की है|" इस लघु फिल्म ने MIAMi स्वतंत्र फिल्म महोत्सव में जीत हासिल की।
डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के बारे में बात करते हुए, अनमोल ने कहा, हां, अपनी फिल्म को प्रदर्शित करने
के लिए यह एक सही मंच। मुझे लगता है एक फिल्म के लिए प्लेटफॉर्म उतना ही जरूरी है जितना की
उस फिल्म का कंटेंट, जरूरी नही कि हर निर्देशक अपनी कहानी से कोई सामाजिक संदेश दे लेकिन मैं
अपनी फिल्म के माध्यम से सामाजिक संदेश देना चाहता था।
अनमोल के दोस्त जितेंद्र राय, जो चाय के कप के निर्माता और निर्देशक भी हैं, उन्होंने बी फॉर
बैलून& पर अपने विचार रखते हुए कहा, मैं ऐसी फिल्मों का हमेशा से समर्थन करता हूं जो सामाजिक
संदेश देती है और जो फिल्में समाज के लिए प्रभावकारी होती हैं
जितेंद्र राय अपनी छोटी फिल्म कप ऑफ टी और नन्ही नीद के लिए भी जाने जाते हैं। फॉर
बैलून फिल्म का निर्माण जितेंद्र राय द्वारा, अनुज चौधरी के प्रोडक्शन मे और मानसी सेनगुप्ता
(एएलओ एंटरटेनमेंट) द्वारा किया गया है।